सागर। नगर निगम सागर में महापौर परिषद के फैसलों के क्रियान्वयन को लेकर महापौर और निगमायुक्त के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को महापौर संगीता सुशील तिवारी ने संभागायुक्त दिलीप कुमार से मुलाकात कर निगमायुक्त राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने संभागायुक्त को पत्र सौंपकर निगमायुक्त के खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई और तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण की मांग की।
महापौर का आरोप है कि महापौर परिषद (एमआईसी) द्वारा जनहित और निगम हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय लंबे समय से लंबित हैं। निर्धारित समय-सीमा में इन निर्णयों का पालन नहीं हो रहा है और न ही एमआईसी को अपेक्षित अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा रहा है। महापौर ने कहा कि इसका सीधा असर विकास कार्यों, शासन की योजनाओं, वित्तीय अनुशासन और नागरिकों की समस्याओं के निराकरण पर पड़ रहा है।
30 सितंबर की बैठक में भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब
महापौर परिषद ने लंबित निर्णयों की समीक्षा के लिए 30 सितंबर को बैठक बुलाई थी। महापौर के अनुसार बैठक में लंबित प्रकरणों पर बिंदुवार चर्चा की गई। इस दौरान कई मामलों में निगमायुक्त की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद एमआईसी ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए प्रस्ताव भी पारित किया।
ढाई साल से निगमायुक्त पद पर हैं खत्री
महापौर द्वारा संभागायुक्त को दिए पत्र में कहा गया है कि राजकुमार खत्री करीब ढाई साल से नगर निगम सागर में निगमायुक्त के पद पर पदस्थ हैं। इस अवधि में एमआईसी की बैठकों में लिए गए कई निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन नहीं होने का आरोप लगाया गया है। महापौर का कहना है कि महत्वपूर्ण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने से निगम के कामकाज की गति प्रभावित हो रही है।
महापौर ने कहा- जनहित के कामों में रुकावट बर्दाश्त नहीं
महापौर ने संभागायुक्त से कहा कि नगर निगम में जनहित और निगम हित से जुड़े निर्णयों का समय पर क्रियान्वयन होना जरूरी है। उन्होंने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली को देखते हुए शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराने तथा उनका तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की है।
इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी, एमआईसी सदस्य अनूप उर्मिल, रुपेश यादव, राजकुमार पटेल, धर्मेंद्र खटीक, पार्षद प्रतिनिधि नरेश यादव, सोमेश जड़िया, शैलेष जैन तथा प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी मौजूद रहे।









