नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य को राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है, जबकि पश्चिम बंगाल की खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अभिनेत्री से नेता बनीं रुक्मिणी मल्लिक को मैदान में उतारा है. रुक्मिणी मल्लिक को फिल्म जगत में कोयल मल्लिक के नाम से भी जाना जाता है. दोनों नामों को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंजूरी दी है.
राज्यसभा की इन सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होने हैं. इस चुनावी प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के साथ उत्तराखंड की एक सीट और पश्चिम बंगाल की एक सीट शामिल है. उत्तराखंड में मौजूदा राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने के कारण सीट पर द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल की सीट रुक्मिणी मल्लिक के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी.
उत्तराखंड से दिनेश आर्य को मौका
भाजपा ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य के नाम पर भरोसा जताया है. आर्य नैनीताल क्षेत्र से आते हैं और लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह पूर्व में नैनीताल जिला भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. वर्तमान में वह राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर हैं, जिसे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है.
दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाए जाने के साथ उत्तराखंड की उस राज्यसभा सीट के लिए चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है, जिस पर मौजूदा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना प्रस्तावित है.
आर्य का नाम भाजपा की प्रदेश राजनीति में सक्रिय नेताओं में लिया जाता रहा है. राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होने के बाद उनका राजनीतिक सफर अब राष्ट्रीय स्तर की संसदीय राजनीति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.
बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक पर दांव
पश्चिम बंगाल की खाली राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने रुक्मिणी मल्लिक को प्रत्याशी बनाया है. रुक्मिणी मल्लिक को फिल्म जगत में कोयल मल्लिक के नाम से भी जाना जाता है. वह बंगाली फिल्मों की जानी-पहचानी अभिनेत्री रही हैं और अब सक्रिय राजनीति में हैं.
रुक्मिणी पहले तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं. उन्होंने 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद वह तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर भाजपा में शामिल हो गईं. अब भाजपा ने उसी खाली हुई सीट पर उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है. पश्चिम बंगाल में राज्यसभा उपचुनाव 16 अक्टूबर को होगा.
उनका राजनीतिक सफर अपेक्षाकृत कम समय में तेजी से बदला है. पहले TMC के साथ राज्यसभा तक पहुंचना, फिर राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना और उसके बाद भाजपा में शामिल होना तथा अब भाजपा के टिकट पर उसी सीट के लिए मैदान में उतरना इस चुनाव को खास बनाता है.









