लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है. आराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष चुना गया है. वहीं, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. इनके अलावा पार्टी ने देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है. आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं. वह कांग्रेस विधायक दल की नेता भी रही हैं.
अजय राय का कार्यकाल खत्म
अनुराधा मित्रा वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की पुत्री हैं. वहीं इमरान मसूद सहारनपुर से लोकसभा से सांसद रहे हैं. वह पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है. आराधना मिश्रा की नियुक्ति के साथ अजय राय का उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर कार्यकाल समाप्त हो चुका है. अब प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी नई टीम के तहत होनी है.
मुस्लिम प्रतिनिधित्व का रखा गया ख्याल
नई टीम में सोशल इंजीनियरिंग का संकेत है. आराधना मिश्रा की नियुक्ति को कांग्रेस की सामाजिक और राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष के पद पर ब्राह्मण चेहरे को आगे किया है. वहीं इमरान मसूद की नियुक्ति के जरिए मुस्लिम प्रतिनिधित्व को भी संगठन में अहम जगह मिली है. देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया है. संगठन की नई टीम में अलग-अलग सामाजिक समूहों की अगुवाई देने की कोशिश की गई है.
प्रियंका गांधी की करीबी रहीं हैं अनुराधा
राजेंद्र पाल गौतम पहले से यूपी के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस की नई टीम को ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित और ओबीसी समीकरण के नजरिए से देखा जा रहा है. प्रियंका गांधी की करीबी मानी जाती हैं आराधना मिश्रा आराधना मिश्रा दो दशक से ज्यादा समय से सक्रिय राजनीति में हैं. यूपी की राजनीति की गहरी समझ रखने वाली कांग्रेस नेताओं में गिना जाता है. यूपी में प्रियंका गांधी की अगुवाई में चलाए गए लड़की हूं, लड़ सकती हूं, अभियान में आराधना मिश्रा ने उनके साथ सक्रिय भूमिका निभाई. मिश्रा रामपुर खास विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक रहे हैं.









