सागर। पुलिस की नजर से 22 साल तक बचता रहा स्थाई वारंटी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। गोपालगंज पुलिस ने पुराने मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 65 वर्षीय संजय सिंह पिता स्व अवधविहारी सिंह को मकरोनिया के रजाखेड़ी स्थित शांतिविहार कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 1989 के मारपीट और धमकी के मामले में न्यायालय से स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी था।
1989 के केस में था वारंट
पुलिस के अनुसार संजय सिंह के खिलाफ थाना गोपालगंज में अपराध क्रमांक 342/1989, धारा 324, 506 भादवि के तहत मामला दर्ज था। इसके अलावा थाना गोपालगंज के प्रकरण क्रमांक 896/2003 में भी न्यायालयीन कार्रवाई लंबित थी। स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था।
मुखबिर ने दी सटीक लोकेशन, पुलिस ने दबिश दी
पुराने और स्थाई वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गोपालगंज पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी थी। पुलिस का सूचना तंत्र लगातार उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रहा था। इसी दौरान मुखबिर से संजय सिंह के शांतिविहार कॉलोनी, रजाखेड़ी मकरोनिया के पास मौजूद होने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को घेरकर पकड़ लिया। पुलिस ने उसे दोपहर 1:45 बजे विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी गई। वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
22 साल पुराना वारंट… ऐसे पहुंची पुलिस
01. लंबे समय से फरार स्थाई वारंटियों की सूची खंगाली गई।
02. आरोपी के संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी गई।
03. पुलिस के मुखबिर तंत्र से आरोपी की लोकेशन मिली।
04. मकरोनिया के शांतिविहार में पुलिस टीम ने दबिश दी।
05. आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस के लिए बड़ी सफलता
गोपालगंज पुलिस ने 22 साल से लंबित स्थाई गिरफ्तारी वारंट की तामीली को पुराने एवं लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई का महत्वपूर्ण परिणाम बताया है। पुलिस का कहना है कि अन्य पुराने वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए भी अभियान लगातार जारी रहेगा।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में प.आर. 666 कैलाश सेन, आर. 837 दशरथ, आर. 1556 अंकित, आर. 1203 रणबीर, आर. 1276 अंकित, आर. 933 आनंद, आर. 219 देवेंद्र तथा थाना मकरोनिया के आरक्षक शुभम विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


