सागर ब्यूरो
कलेक्ट्रेट में काम से जा रहे हैं तो हेलमेट साथ रखना ही नहीं, सिर पर पहनना भी जरूरी है। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में दोपहिया वाहनों से आने वालों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया है। बिना हेलमेट गेट पर पहुंचे तो पहले रोक, फिर चालान और इसके बाद परिसर में प्रवेश पर रोक।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर 1 अगस्त से कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग शुरू की गई है। अब तक बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई कर ₹6,200 का शमन शुल्क वसूला जा चुका है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम केवल आम लोगों के लिए नहीं है। अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता और आम नागरिक—सभी को हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
गेट पर चेकिंग… नियम टूटा तो कार्रवाई
कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वारों पर लगातार वाहन चालकों की जांच की जा रही है। बिना हेलमेट आने वाले दोपहिया चालकों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा और नियमानुसार चालान किया जा रहा है। कार्रवाई मोटरयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत की जा रही है।
जुर्माना ही मकसद नहीं, सुरक्षा पर जोर
प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान बनाना या जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर बनाना है। हेलमेट दुर्घटना के दौरान सिर की गंभीर चोट से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


