जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। इस बार विश्वविद्यालय के एक उपकुलसचिव पर ऐसे आरोप लगे हैं, जिन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में हलचल मचा दी है। एक कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसकी रुकी हुई दो वेतन वृद्धियों को बहाल कराने के एवज में उपकुलसचिव ने उसकी पत्नी को अपने पास लाने की कथित मांग की। मामले की शिकायत कुलसचिव और सिविल लाइन थाने में किए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पीड़ित कर्मचारी का आरोप है कि वह अपनी दो वेतन वृद्धियों को बहाल कराने के संबंध में संबंधित अधिकारी से संपर्क में था। इसी दौरान हुई बातचीत में उपकुलसचिव ने कथित रूप से ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसे सुनकर वह स्तब्ध रह गया। कर्मचारी का कहना है कि उसकी पत्नी पेशे से अधिवक्ता हैं और अधिकारी ने उनके संबंध में भी अनुचित टिप्पणी की। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे विश्वास नहीं हुआ कि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में जिम्मेदार पद पर बैठा कोई अधिकारी इस प्रकार की बात कह सकता है। कर्मचारी ने पूरे मामले की लिखित शिकायत विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सौंप दी है। इसके साथ ही उसने सिविल लाइन थाने में भी आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है और उसके सम्मान को ठेस पहुंची है। उसने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़ित कर्मचारी का कहना है कि यदि इस प्रकार के मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो कर्मचारियों का प्रशासन और संस्थागत व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो सकता है। उसने न्याय की मांग करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलना चाहिए। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कर्मचारी संगठनों और विश्वविद्यालय कर्मियों के बीच भी इस शिकायत को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।










