भुवनेश्वर. ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में शिक्षा का मंदिर कहे जाना वाला स्कूल में एक 12 साल की छात्रा के साथ यौन शोषण किया गया. इस घटना ने शिक्षा संस्थान में छात्रों की सरुक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. मामले पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने स्कूल के चार शिक्षकों और एक चपरासी को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि 7वीं कक्षा की छात्रा के साथ इन्होंने पिछले दो सालों में कई बार यौन शोषण किया. वहीं एक महिला शिक्षिका मिनती बाई पर इस अपराध को उकसाने और जानकारी छुपाने का भी आरोप लगाया गया है.
पुलिस ने दी मामले की जानकारी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान चंदन कुमार प्रुस्ती, बिस्वा रंजन साहू, रश्मिकांता बिसवाल, मिनती बाई के रूप में की गई है. जबकि रश्मि रंजन राणा की पहचान स्कूल की चपरासी के रूप में की गई है. लोगों की नजर में यह मामला तब सामने आया जब पीडि़ता की मां ने शनिवार को राजकनिका पुलिस थाने में स्नढ्ढक्र दर्ज कराई.
पीडि़ता ने अपनी मां को बताया कि उनकी बच्ची स्कूल जाने से लगातार मना करती रहती है, जिसके बाद बहुत पूछताछ करने के बाद बच्ची ने स्वीकारा कि उसका पिछले दो सालों से योन शोषण किया जा रहा है. उसने कहा कि स्कूल के शिक्षक और चपरासी उसके साथ गलत करते हैं और फिर धमकी देते हैं.
परिवार ने दी मामले की जानकारी
पीडि़ता के परिवार ने बताया कि पिछले महीने स्कूल प्रिंसिपल को कुछ शिक्षकों के गलत व्यवहार की शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. पीडि़ता के पिता, जो नई दिल्ली में प्लंबर का काम करते हैं, गांव लौटे और शुक्रवार को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष अर्जी दी. सीडबलूसी की अध्यक्ष स्वागतिका पात्रा ने बताया कि शिकायत मिलने पर टीम स्कूल पहुंची और पीडि़ता, उसके माता-पिता, शिक्षकों तथा प्रिंसिपल से बात की. उनकी सलाह पर ही एफआईआर दर्ज हुई. पुलिस ने बताया कि नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया गया है. आरोपियों को हिरासत में भेज दिए गए हैं. इस मामले पर अब पूरे देश और राज्य की नजर है.










