जबलपुर ब्यूरो
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में जिला न्यायालय जबलपुर में काम कर रहे क्लास-3 कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने 22 से 25 साल की सेवा के बाद उन्हें नौकरी से निकालने का आदेश रद्द कर दिया है। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डबल बेंच ने कहा कि साल 1994-95 में हुई ये नियुक्तियां पूरी तरह गैरकानूनी या शुरू से ही बेकार नहीं थीं, बल्कि इनमें सिर्फ प्रक्रिया से जुड़ी कुछ गलतियां थीं, जो इतने लंबे समय तक नौकरी करने के बाद अपने आप खत्म मानी जाएंगी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी कर्मचारियों को उनके पदों पर वापस रखा जाए। साथ ही उन्हें बकाया वेतन, पदोन्नति और नौकरी से जुड़े दूसरे सभी फायदे भी दिए जाएं।










