प्रयागराज. माघ मेला 2026 के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति पर आज 15 जनवरी को संगम तट पर श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. यह आस्था का विराट समागम है, जहां साधु-संत, कल्पवासी और आम श्रद्धालु एक साथ संगम की पवित्र धारा में डुबकी लगा रहे हैं. दोपहर बाद तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा चुके थे.
12 बजे तक 50 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आज 12 बजे तक संगम तट पर 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. यह अनुमान है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त दिन भर चलने के कारण शाम तक यह संख्या एक करोड़ पार कर सकती है. मेला प्रशासन ने इस बार दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया है, जिसके लिए 24 स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए एक हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू किया गया है, जिसमें आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम की स्थापना भी शामिल है. नदी की धारा में आए बदलावों को देखते हुए घाटों में आंशिक संशोधन भी किए गए हैं.
वायरल होने की चाह वाले आस्था के मेले में गुम
चाय वाली दीदी, दातून वाले भैया और गोल्डन ब्वाय वायरल होने के तमाम ऐसे नुस्खे लेकर आस्था के मेले में पहुंचे तमाम यूट्यूबर श्रद्धा के मेले में कहीं खो जा रहे हैं. लोगों की जुबान और सोशल मीडिया पर किन्नर अखाड़े के सुधारक काम, आस्था की एक टांग के भरोसे खड़े संत और पांच दिन का राशन जुटाकर संगम नोज तक पहुंचने का यज्ञ कर रहे श्रद्धालु छाए हैं. संतों के शिविर में वीआईपी का आना इस बार खबर नहीं बन पा रहा है. चर्चा में आ रहा है दस साल के बच्चे का कल्पवास. इसी तरह की तपस्या की चर्चा की जरूरत है. क्योंकि इसी से युवा अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं.










