बेंगलुरु. कर्नाटक सरकार ने आबकारी नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए देश का पहला अल्कोहल-इन-बेवरेज (AIB) टैक्स सिस्टम लागू कर दिया है। 11 मई से प्रभावी हुई इस नई प्रणाली के तहत अब शराब पर टैक्स उसकी कुल मात्रा के बजाय उसमें मौजूद शुद्ध अल्कोहल के प्रतिशत के आधार पर तय होगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा बजट में घोषित इस नीति का मुख्य उद्देश्य शराब की कीमतों को बाजार के हवाले करना और इसे पड़ोसी राज्यों के बराबर लाना है। इस नए सिस्टम के तहत सरकार ने भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IML) के स्लैब को 16 से घटाकर 8 कर दिया है, जिससे चालू वित्तीय वर्ष में 45,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य सरकार का दावा है कि यह मॉडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त “गोल्ड स्टैंडर्ड” टैक्सेशन सिस्टम है और इससे शराब की कीमतों में संतुलन आएगा, साथ ही लोगों को कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों की ओर प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने वर्ष 2026-27 के बजट में इस नई नीति की घोषणा की थी। राज्य के आबकारी विभाग ने रविवार को जारी बयान में कहा कि यह कदम शराब की कीमतों को तार्किक बनाने और पड़ोसी राज्यों के मुकाबले कर्नाटक में शराब को तुलनात्मक रूप से सस्ता रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। विभाग के अनुसार यह भारत का पहला ऐसा मॉडल है जिसमें सीधे शराब की ताकत यानी अल्कोहल कंटेंट के आधार पर कर लगाया जा रहा है।
नई नीति के तहत सरकार द्वारा शराब की कीमत तय करने की पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब कंपनियां बाजार की मांग और शराब में मौजूद अल्कोहल की मात्रा के हिसाब से अपने उत्पादों की कीमतें तय कर सकेंगी। सरकार ने इंडियन मेड लिकर यानी आईएमएल की टैक्स स्लैब्स की संख्या 16 से घटाकर 8 कर दी है। इससे टैक्स ढांचे को सरल बनाने की कोशिश की गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस बदलाव से कर्नाटक में शराब की कीमतें तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल जैसे पड़ोसी राज्यों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनेंगी। सरकार को उम्मीद है कि नई प्रणाली से राजस्व में भी बड़ा इजाफा होगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2026-27 के लिए आबकारी विभाग से 45 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब 11 मई के बाद निर्मित शराब उत्पादों पर संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी लागू होगा। आबकारी विभाग ने शराब और बीयर के नए दामों तथा पैक साइज की जानकारी राज्य के प्रमुख कन्नड़ और अंग्रेजी समाचार पत्रों में प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए हैं।









