राज्यरानी एक्सप्रेस को सागर में गिराने की साज़िश, लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी ट्रेन

सागर. पमरे के जबलपुर रेल मंडल के सागर के समीप मकरोनिया और लिधौरा स्टेशन के बीच राज्यरानी हादसे का शिकार होने से उस वक्त बाल-बाल बच गई. जब किसी ने ट्रेक पर लकड़ी का एक मोटा व बड़ा लट्ठा रख दिया था, जिसे देखकर लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका. आरपीएफ ने घटना की जांच शुरू कर दी है.

घटना के संबंध में बताया जाता है कि मकरोनिया और लिधौरा स्टेशन के बीच एक बड़ा रेल हादसा टल गया. दमोह से भोपाल की ओर जा रही गाड़ी संख्या 22162 राज्यरानी एक्सप्रेस के सामने तीसरी लाइन पर किसी ने 8 फीट लंबा लकड़ी का लट्ठा रख दिया था. 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और कोहरे के बीच लोको पायलट राजेश पटेल की सतर्कता ने इस संभावित तबाही को भांप लिया और ऐनवक्त पर इमरजेंसी ब्रेक लगा ट्रेन रोक ली.

जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 6:35 से 6:40 बजे के बीच की है. कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी, तभी पायलट को ट्रैक पर लोहे के पाइप/ पटरी का टुकड़ा जैसा कुछ रखा नजर आया. उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए. ट्रेन रुकते-रुकते करीब 5 इंच मोटे उस लकड़ी के ल_े के ऊपर चढ़ गई और वह इंजन के पहिए में जाकर फंस गया.

साजिश के पहलू से भी जांच

रेलवे पुलिस, आरपीएफ इसे किसी बड़ी साजिश या खतरनाक शरारत के तौर पर देख रही है. ट्रेन रुकने के बाद लोको पायलट के साथ यात्री भी ट्रेन से नीचे उतरे, जहां पता चला कि वह भारी लकड़ी का लट्ठा था. ट्रेन को थोड़ा पीछे किया और पहिए के पास फंसे लकड़ी के लट्ठा को खींचकर बाहर निकाला. वहीं आरपीएफ पोस्ट प्रभारी प्रमोद पांडे का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. आसपास के गांवों के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है

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