आज देशभर दिवाली की धूम दिखाई दे रही है। इस दिन हर घर, दुकान, दफ्तर में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की विधिवत पूजा होती है। मान्यता है कि यदि दिवाली के मौके पर विधिवत पूजा की जाए तो मां लक्ष्मी अवश्य प्रसन्न होती हैं। ऐसे में दिवाली पूजन में मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाती है। मां लक्ष्मी की पूजा में आरती करना विशेष फलदायी माना गया है। ये आरती न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा देती है, बल्कि घर में समृद्धि, सुख और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
माता लक्ष्मी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
उमा ,रमा,ब्रम्हाणी, तुम हीजग माता |
सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥
.ॐ जय लक्ष्मी माता….
दुर्गारुप निरंजन, सुख संपत्ति दाता |
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धी धन पाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
तुम पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता |
कर्मप्रभाव प्रकाशनी, भवनिधि की त्राता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
जिस घर में तुम रहती, सबसद् गुण आता|
सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
तुम बिन यज्ञ ना होवे, वस्त्र न कोई पाता |
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
शुभ गुण मंदिर सुंदर क्षीरोदधि जाता|
रत्न चतुर्दश तुम बिन ,कोई नहीं पाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
महालक्ष्मी जी की आरती ,जो कोई नर गाता |
उर आंनद समाता,पाप उतर जाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता….
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…











