इंदौर संवाददाता
इंदौर जिला कोर्ट ने एक पारिवारिक विवाद की सुनवाई में अहम फैसला सुनाते हुए बहू को आदेश दिया है कि वह तीन दिन के भीतर मुचलका भरे। कोर्ट ने साफ किया कि बहू अपनी सास के साथ किसी भी तरह की घरेलू हिंसा नहीं करेगी और न ही उन्हें किसी भी रूप में परेशान करेगी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि बहू न तो सास से स्वयं संपर्क करेगी और न ही अपनी ओर से किसी को भेजकर संपर्क करवाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने बहू को घर पर लगाए गए ताले को तुरंत खोलने का निर्देश भी दिया
क्या है पूरा मामला
यह मामला खजराना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला से जुड़ा है। महिला के बेटे ने महू निवासी युवती से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद बेटा ससुराल में ही रहने लगा, जिससे नाराज होकर महिला ने वर्ष 2022 में बेटे और बहू से संबंध तोड़ लिए थे। कुछ समय बाद बेटे और बहू के बीच विवाद गहराया और बेटा ससुराल छोड़कर अलग हो गया। वर्तमान में दोनों के बीच तलाक का मामला न्यायालय में लंबित है। बेटे के अलग होने के बाद से ही बहू ने महिला को परेशान करना शुरू कर दिया था।
विवाद और पुलिस की उदासीनता
महिला के मुताबिक, बहू बार-बार उसके घर आकर विवाद करने लगी। परेशान होकर महिला ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालात बिगड़ने पर महिला ने जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान भी बहू महिला के घर पहुंची और झगड़ा करने लगी। यही नहीं, उसने जबरन सास को घर से बाहर निकालकर ताला जड़ दिया।
कोर्ट ने दिए कड़े निर्देश
महिला ने पुलिस को दोबारा शिकायत दी, मगर इस बार भी कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर महिला ने पिछले दरवाजे से घर में प्रवेश किया और अदालत में बहू द्वारा दी जा रही प्रताड़ना का पूरा ब्योरा पेश किया। जिला न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया और बहू को चेतावनी देते हुए मुचलका भरने का आदेश दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि अगर बहू ने आदेश का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।











