धीरेन्द्र शास्त्री की टिप्पणी पर विवाद बढ़ा, सांसद पप्पू यादव ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

पटना. भगवान श्रीकृष्ण को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी पर विवाद बढ़ गया है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उनकी कुछ भाव-भंगिमाओं को लेकर भी आपत्ति जताई गई। इसके बाद मथुरा-वृंदावन के संतों और कृष्ण भक्तों ने टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर की।

पप्पू यादव ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस टिप्पणी से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। यादव ने कहा, कानून सभी के लिए समान है, फिर ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। उनके मुताबिक, पहले धर्म के नाम पर लोगों को बांटा जा रहा था और अब धर्म के भीतर भी विभाजन की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस टिप्पणी के पीछे किसी राजनीतिक दल की भूमिका होने का भी आरोप लगाया।

विवाद बढ़ने पर शास्त्री ने मांगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बीच किसी तरह का अंतर बताना उनकी मंशा नहीं थी। उनकी टिप्पणी भक्ति परंपरा और ब्रज की प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति के संदर्भ में थी। यदि उनकी बातों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए विनम्रतापूर्वक क्षमा चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण एक ही परम सत्ता के स्वरूप हैं। वह स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं और भागवत कथा भी करते हैं। उनका उद्देश्य किसी भी भगवान का अपमान करना या दोनों के बीच भेद करना नहीं था।

रामकथा के दौरान की थी टिप्पणी

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा था कि श्रीराम सीधे हैं, जबकि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण की त्रिभंग मुद्रा, बांसुरी और वृंदावन का जिक्र करते हुए अयोध्या और वृंदावन की भी तुलना की थी।

इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों और कृष्ण भक्तों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण दोनों समान रूप से पूजनीय हैं और इस तरह उनकी तुलना करना उचित नहीं है। विवाद के बीच केन्या के नैरोबी से जारी वीडियो संदेश में शास्त्री ने अपनी बात का संदर्भ स्पष्ट करते हुए कहा कि भावावेश में कही गई टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं।

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