भोपाल कार्यालय
सत्य साई यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, एग्जाम कंट्रोलर और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी पीटीआई भर्ती परीक्षा 2022 के फ़र्ज़ी डिग्री मामले में एसओजी राजस्थान द्वारा की गई है।
श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंसेज (Sri Sathya Sai University of Technology and Medical Sciences), सीहोर (भोपाल के पास, मध्य प्रदेश) का मुख्य मामला राजस्थान की पीटीआई (Physical Training Instructor) भर्ती-2022 से जुड़ा फर्जी/बैकडेट डिग्री घोटाला है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की PTI भर्ती में 67 अभ्यर्थियों ने इस यूनिवर्सिटी की B.P.Ed डिग्री/मार्कशीट लगाई थीं। कई अभ्यर्थी कभी यूनिवर्सिटी नहीं गए थे; डिग्रियां बैकडेट में तैयार की गईं और 2-3 लाख रुपये में बेची गईं। कुछ अभ्यर्थियों ने आवेदन में दूसरी यूनिवर्सिटी का नाम दिया था, लेकिन सत्यापन में सत्य साई की डिग्री पेश की। SOG जांच में यह 2013-2022 के आसपास का व्यवस्थित रैकेट बताया गया। 21-24 जनवरी 2026 को राजस्थान SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) की 40 सदस्यीय टीम ने सीहोर स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस (पचामा गांव, पुराना इंदौर-भोपाल हाईवे), भोपाल अरेरा कॉलोनी में प्रबंधन (सुनील कपूर) के आवास, CA के निवास और गांधीनगर स्थित RKDF कॉलेज सहित 4-5 ठिकानों पर छापेमारी की। दस्तावेज, 10 साल के रिकॉर्ड, हार्ड डिस्क आदि जब्त किए गए। एक व्यक्ति CPU/लैपटॉप लेकर भागने की कोशिश में पकड़ा गया।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान SOG को दोनों यूनिवर्सिटीज (सत्य साई + एक अन्य) की जांच जारी रखने की अनुमति दी। हाईकोर्ट के कुछ अंतरिम संरक्षण (गिरफ्तारी से) 18 मई 2026 के बाद वैध नहीं माने गए। SOG ने दलालों/एजेंटों/लाभार्थियों में से 30+ गिरफ्तारियां कीं; VC, रजिस्ट्रार आदि को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। आज खबर मिली है कि सत्य साईं यूनिवर्सिटी भोपाल के वीसी & चेयरमैन मुकेश तिवारी, एग्जाम कंट्रोलर संजय राठौड़ समेत एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। राजस्थान पुलिस के सूत्रों ने बताया कि, पीटीआई भर्ती 2022 के एक अभ्यर्थी भारमल राम द्वारा डमी अभ्यर्थी से परीक्षा उत्तीर्ण की गई जब जाँच हुई तो सामने आया कि फॉर्म में OPJS यूनिवर्सिटी रिजल्ट वेटिंग भरा गया था, लेकिन डमी द्वारा चयन उपरांत सत्य साईं यूनिवर्सिटी सीहोर भोपाल की बैकडेट में फर्जी डिग्री प्रस्तुत कर दी गई।


