भोपाल. मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मियों को सरकारी सहायता मिलती रहेगी. मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इन दोनों योजनाओं को अगले 5 साल तक जारी रखने का फैसला लिया गया है. सरकार लाड़ली बहना योजना पर 1,14,365 करोड़ और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16,326 करोड़ रुपए खर्च करेगी.
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों समेत 18 प्रस्तावों को मंजूरी भी दी है. निगम में पहले से स्वीकृत 7 पद 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक बने रहेंगे. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है. इसमें 60त्न केंद्र जबकि 40त्न राज्य का हिस्सा रहेगा.
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में इस बार रक्षाबंधन पर लाभार्थियों को 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे. हर महीने मिलने वाली 1500 रुपए की किस्त के साथ यह राशि जुडऩे से 19 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में कुल 1750 रुपए पहुंचेंगे. उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाली पात्र महिलाओं को भी इस बार 250 रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी.
आशा कार्यकर्ताओं को मिलती रहेगी प्रोत्साहन राशि
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा- लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है. इनमें नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने, अस्पतालों और डिस्पेंसरी के लिए बिल्डिंग निर्माण की योजनाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला अतिरिक्त प्रोत्साहन और कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन योजनाएं भी अगले पांच साल तक जारी रहेंगी. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन यानी नमन मिशन को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है. इसका उद्देश्य नर्मदा से जुड़े संरक्षण और विकास कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना है.


