नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी में बड़े संगठनात्मक और राजनीतिक बदलावों की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शीर्ष नेताओं की मैराथन बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई केंद्रीय टीम का ऐलान कभी भी किया जा सकता है. सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी-7 शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है. इसके साथ ही केंद्र सरकार और राज्यपालों के स्तर पर भी महत्वपूर्ण फेरबदल की संभावना जताई जा रही है.
भाजपा सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी अरुण कुमार और शिव प्रकाश सहित कई शीर्ष नेता मौजूद रहे. बैठक करीब चार घंटे तक चली और आधी रात के बाद समाप्त हुई. राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को भाजपा के आगामी संगठनात्मक पुनर्गठन और व्यापक राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
सूत्रों का कहना है कि बैठक में केवल संगठनात्मक बदलावों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि सरकार और संवैधानिक पदों से जुड़े संभावित फेरबदल पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. भाजपा नेतृत्व आने वाले चुनावी वर्षों को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नई रणनीति तैयार कर रहा है.
पार्टी के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि अधिक मास की अवधि 15 जून को समाप्त हो चुकी है. परंपरागत रूप से भाजपा और उससे जुड़े कई संगठन इस अवधि में बड़े राजनीतिक या संगठनात्मक फैसलों से बचते हैं. ऐसे में अब संगठनात्मक बदलावों की घोषणा के लिए रास्ता साफ हो गया है. हालांकि यह भी संभव है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 19 जून को विदेश दौरे से लौटने के बाद ही अंतिम घोषणाएं की जाएं.
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम को लेकर पार्टी के भीतर लंबे समय से चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि नई टीम में 11 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छह राष्ट्रीय महासचिवों के पदों पर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं. पार्टी इस बार संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दे रही है. महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न जातीय समूहों को भी पर्याप्त स्थान दिए जाने की संभावना है.
सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व युवा और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है. नई टीम में ऐसे नेताओं को अवसर दिया जा सकता है जिन्होंने संगठनात्मक स्तर पर उल्लेखनीय काम किया है. साथ ही कई वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का भी लाभ उठाने की योजना बनाई जा रही है.
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा उन राज्यों को भी विशेष महत्व देने की तैयारी में है जहां अगले वर्ष चुनाव होने हैं. गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से भी संगठन में महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना जताई जा रही है. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि चुनावी राज्यों के प्रभावशाली नेताओं को संगठन में ऐसी जिम्मेदारियां दी जाएं जो आगामी चुनावों में लाभकारी साबित हों.










