राजीव रंजन श्रीवास्तव, सागर
मध्यप्रदेश के सागर जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस लाइन में बड़े स्तर पर बलवा परेड और दंगा नियंत्रण ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें शहर और देहात के 15 थानों का पुलिस बल शामिल हुआ। अधिकारियों की मौजूदगी में जवानों को बलवा, प्रदर्शन, धरना, जुलूस और सामूहिक उपद्रव जैसी परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस बल ने विभिन्न फॉर्मेशन बनाकर भीड़ नियंत्रण, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया।
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास में नगर पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी यातायात, डीएसपी मुख्यालय समेत जिले के सभी प्रमुख अधिकारी और थाना प्रभारी अपने-अपने बल के साथ मौजूद रहे।
दो दलों में बांटकर कराया गया अभ्यास
ड्रिल के दौरान पुलिस बल को दो समूहों में विभाजित कर दंगा नियंत्रण की वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास कराया गया। जवानों को भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति, सुरक्षा घेरा बनाने, टीम वर्क और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, शील्ड और अन्य दंगा नियंत्रण उपकरणों को सही तरीके से उपयोग करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
एसपी बोले- संयम और अनुशासन सबसे बड़ा हथियार
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य, सतर्कता और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जवानों को निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए विधिसम्मत और पेशेवर कार्रवाई की जाए। साथ ही संभावित जोखिमों और उनसे सुरक्षित तरीके से निपटने के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
नियमित प्रशिक्षण से बढ़ेगी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता
अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास से पुलिस बल की कार्यकुशलता, आत्मविश्वास और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले के पुलिस बल को किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौती, विरोध प्रदर्शन या आपात स्थिति में प्रभावी और नियंत्रित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार करना था।










