भोपाल ब्यूरो
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर चुनाव आयोग तक मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कई वरिष्ठ नेता, विधायक और संगठन पदाधिकारी शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रहा और कार्यकर्ता लोकतंत्र बचाओ, भाजपा जवाब दो तथा अन्य राजनीतिक नारे लगाते रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव बनाकर कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द कराया गया है। धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि पार्टी इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी और कानूनी तथा राजनीतिक दोनों स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया।










