नई दिल्ली. 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में 7 राज्यों के 26 उम्मीदवार बिना मुकाबले (निर्विरोध) के ही निर्वाचित हो गए हैं. इनमें एनसीपी (शरद) प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.
कई राज्यों में विपक्षी दलों ने उम्मीदवार नहीं उतारे, जिसके कारण ये नेता बिना मतदान के ही राज्यसभा पहुंच गए. हालांकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला होना तय है. इन राज्यों में अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में होने के कारण चुनाव कराया जाएगा.
निर्विरोध चुने गए उम्मीदवार, इनमें 11 एनडीए, 14 विपक्षी
महाराष्ट्र (7)- शरद पवार (एनसीपी-शरद), रामदास आठवले (आरपीआई-आठवले), विनोद तावड़े (बीजेपी), रामराव वडुकुटे (बीजेपी), माया इवनाते (बीजेपी), ज्योति वाघमारे (शिवसेना -शिंदे), पार्थ पवार (एनसीपी).
तमिलनाडु (6)- तिरुची शिवा (डीएमके), जे कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन (डीएमके), एम क्रिस्टोफर तिलक (कांग्रेस), एल के सुदीश (डीएमडीके)
एम थंबीदुरई (एआईएडीएमके), अंबुमणि रामदास (पीएमके)
पश्चिम बंगाल (5)- राहुल सिन्हा (बीजेपी), बाबुल सुप्रियो (टीएमसी), पूर्व डीजीपी राजीव कुमार (टीएमसी), सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी (टीएमसी), कोएल मलिक (टीएमसी)
असम (3)- जोगेन मोहन (बीजेपी), तेरोस गोवाला (बीजेपी), प्रमोद बोरो (यूपीपीएल)
तेलंगाना (2)- अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस), वेम नरेंद्र रेड्डी (कांग्रेस)
छत्तीसगढ़ (2)- लक्ष्मी वर्मा (बीजेपी), फूलो देवी नेताम (कांग्रेस)
हिमाचल प्रदेश (1)- अनुराग शर्मा (कांग्रेस)
अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर चुनाव 16 मार्च को होंगे. इन चुनावों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. कुल 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. अब 11 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके कारण बिहार, ओडिशा और हरियाणा में एक-एक सीट पर मुकाबला होगा.


