भोपाल ब्यूरो
मध्य प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की समय पर उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दवा आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPPHSCL) ने प्रदेश के हर संभाग में सेंट्रलाइज्ड ड्रग वेयरहाउस स्थापित करने के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृति दे दी है। कॉरपोरेशन अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से अस्पतालों में दवाओं की कमी, अनियंत्रित स्टॉक और एक्सपायरी दवाओं जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। योजना को जमीन पर उतारने में करीब छह महीने का समय लग सकता है।
अब तक अस्पतालों की मांग पर दवा कंपनियां सीधे अस्पतालों को दवाएं सप्लाई करती थीं। नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया बदली जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार, हर संभाग में एक आधुनिक ड्रग वेयरहाउस बनाया जाएगा, जहां अस्पतालों की जरूरत के अनुसार दवाओं का स्टॉक पहले से रखा जाएगा। इसके बाद यहीं से अस्पतालों को दवाएं वितरित की जाएंगी। सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से दवा वितरण पूरी तरह योजनाबद्ध और नियंत्रित होगा। अस्पतालों को अनिवार्य रूप से तीन महीने का दवा स्टॉक रखने की जरूरत होती है, जिसे वेयरहाउस के माध्यम से आसानी से मैनेज किया जा सकेगा।










