बाल साहित्य शोध केंद्र का स्थापना दिवस मना, साहित्यकारों को प्रदान किया गया ‘कृति सम्मान’

भोपाल। बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल द्वारा दुष्यंत संग्रहालय में संस्था का स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् सौरभ प्रकाश ने की।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सौरभ प्रकाश ने कहा कि बाल साहित्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के संस्कार निर्माण का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ. राघवेंद्र शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, बाल अधिकार आयोग। उन्होंने कहा—“बच्चों का भविष्य गढ़ने के लिए बाल साहित्य केंद्रों की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। यह समाज की दीर्घकालिक निवेश योजना है।”समारोह में बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र के निदेशक महेश सक्सेना ने संस्था की गतिविधियों को रेखांकित करते हुए अतिथियों का स्वागत किया ।
विशेष अतिथि के रूप में हिंदी लेखिका संघ, मध्यप्रदेश की अध्यक्ष डॉ. साधना गंगराड़े ने कहा—“बाल साहित्य ऐसा होना चाहिए जो बच्चों को कल्पना के पंख दे, उनकी आँखों में चमक लाए और उनके छोटे-से मन में बड़े विचारों के बीज बोए।”
सारस्वत अतिथि श्यामा गुप्ता ‘दर्शना’ ने अपने वक्तव्य में कहा कि—“बच्चे ही कल का भविष्य हैं, उनके लिए सार्थक और संवेदनशील साहित्य लिखा जाना चाहिए।”इस अवसर पर साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए निम्न साहित्यकारों को ‘कृति सम्मान’ प्रदान किया गया—गोकुल सोनी, सीमा हरि शर्मा, मनोज जैन ‘मधुर’, रानी सुमिता, शेफालिका श्रीवास्तव, शिवकुमार दीवान, वंदना अतुल जोशी, सरोज दवे, कमल चंद्रा, मधुलिका श्रीवास्तव, निरूपा श्रीमाली, अंजलि खेर, अमित पगारे, रूपाली सक्सेना, मोनिका रूसिया, जय शाह, विद्या श्रीवास्तव एवं डॉ. मीना शुक्ला।

कार्यक्रम में कई पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया—
• ‘बाल उड़ान’ — वंदना अतुल जोशी
• ‘नन्हे परों की उड़ान’ — अंजलि खेर
• ‘खुशियों की गुल्लक’ — कमल चंद्रा
• ‘बड़े सवेरे चिड़िया बोली’ — सीमा हरि शर्मा
• ‘बच्चों तुम्हारे लिए’ — विद्या श्रीवास्तव
• ‘हम हैं तराशे हीरे’ — अनीता सक्सेना
• ‘दादू का पिटारा’ — गोकुल सोनी
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ. अनीता तिवारी ने दिया। सरस्वती वंदना डॉ. नीलू समीर एवं द्वितीया भिमटे द्वारा प्रस्तुत की गई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ अभिज्ञा चौकसे, राधिका परसाई, सृजिता साहा एवं बानी भास्कर द्वारा दी गईं, जिन्होंने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में फाल्गुनी पुरोहित ने वंदे मातरम् गीत प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन जलज गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन मधुलता शर्मा ने किया ।
समारोह में नगर के अनेक साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

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