जिंदगी में वही सफल होते हैं, जो पॉजीटिव रहते हैं…, दमोह में ज्ञानचंद श्रीवास्तव महाविद्यालय में लगा रोजगार मेला

दमोह ब्यूरो 

दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया के मुख्य आतिथ्य में आज शासकीय ज्ञानचंद श्रीवास्तव महाविद्यालय दमोह में युवा संगम रोजगार,स्वरोजगार एवं अप्रिंटिस मेले का आयोजन किया गया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले में जर्मन में करियर एवं रोजगार के अवसर पर सेमीनार जिसमें एल.एण्ड एस (महाराष्ट्र) के प्रतिनिधि पुनित भूटानी एवं नेहा साहू जर्मन भाषा स्पेशलिस्ट दमोह द्वारा युवाओं को करियर एवं जॉब के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान कम्पनियों ने विद्यार्थियों के साक्षात्कार आयोजित कर 232 युवाओं का प्लेसमेंट किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम में लगभग 500 से अधिक युवाओं ने पंजीयन कराया एवं जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनाअंतर्गत स्वीकृत-वितरण ऋण प्रकरणों में 31 लाख 50 हजार रूपये की राशि के चेक अतिथियों द्वारा वितरित किये गये।युवा संगम कार्यक्रम में 10 कंपनियां ने भाग लेकर आई.टी.आई, फिटर, टेक्नीशियन, डिप्लोमा 10 वीं एवं 12 वीं स्नातक के छात्र-छात्राओं का निजी क्षेत्र की कंपनियां ने 232 युवाओं का चयन किया। स्वरोजगार योजनाओं के विभागों ने आवेदकों के लिये मार्गदर्शन एवं जानकारी प्रदान की। स्थानीय स्तर पर मुख्यमंत्री सीखो, कमाओ योजनाओं के जॉब हेतु वैकेसी क्रियेट करवाकर रोजगार उपलब्ध कराये गये। इस वित्तीय वर्ष में 6 युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रिंटिस मेला के माध्यम से 3375 आवेदकों के लिये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये एवं 200 से अधिक हितग्राहियों के लिये स्वरोजगार योजनाओं के ऋण स्वीकृत कराये गये।इस अवसर पर श्याम शिवहरे ने कहा विगत 3-4 बार से जिले में वृहद स्तर पर रोजगार मेला लग रहा है, उसी तारतम्य में वृहद रोजगार मेला रोजगार विभाग, तकनीकी कौशल विभाग द्वारा पी.जी कॉलेज में लगाया गया, इसका प्रमुख उद्देश्य तकनीकि रूप से अध्ययनरत् छात्र है,उनको बाहर की बड़ी कम्पिनयों में रोजगार के अवसर मिले। यहॉ पर रोजगार मेले में बड़ी-बड़ी कम्पिनयॉ आती है और इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं को सिलेक्ट करके उनको रोजगार देने का काम करती है, प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ऐसे कई प्रकार के रोजगार मेले आयोजित कर रही है। इस प्रकार के आयोजन में हम पहॅुचते है और युवाओं को उत्साह बढ़ाने का काम करते है, इसी के तहत् यहॉ आये। यहॉ पर जानकारी देने के लिए महाराष्ट्र से पुनीत जी आये है, कि जर्मनी में कैसे हमारे युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकता है, उसका मार्गदर्शन वह दे रहे है।एल.एण्ड एस (महाराष्ट्र) के प्रतिनिधि पुनीत भुटानी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये बताया पिछले 5 साल से इंडिया के काफी अभ्यर्थी की जर्मनी में कैरियर अवसर है, उसके बारे में अवेयरनेस प्रोग्राम कर रहे हैं और जो बच्चे इंटरेस्टेट रहते हैं, उनको कैरियर गाइडेंस का काम किया जा रहा हैं। आज पहला अवसर है जहां पर महाराष्ट्र के बाहर आमंत्रण मिला था, आज काफी अच्छा लग रहा है, दमोह के युवाओं के साथ बातचीत करके। उन्होंने बताया भारत में खुद की अपनी-अपनी लैंग्वेज होती है जब यहाँ से हम लोग केरला जाते है तो सब लोग मलयाली में बात करते है, वैसे ही अगर एक अभ्यर्थी को जर्मनी में जाना है तो उनको वहाँ का लोकल कल्चर में एडाप्ट होने के लिए काफी जरूरत पड़ती है और वहॉ के लोग अपनी लोकल लैंग्वेज को ज्यादा महत्व देते है।उन्होंने बताया युवाओं को नर्सेस के बारे में, फिजियो थेरेपी के बारे में बता रहा हूँ यह सब ऐसे प्रोफेशन हैं सिर्फ जहां पर उनको लोकल लोगों की सबसे बात करने बहुत जरूरत पड़ेगी। अभ्यर्थी को जर्मन लैंग्वेज सीखना यह सबसे पहला पार्ट है, पहले लैंग्वेज सीखनी पड़ती है, कैंडिडेट्स को क्योंकि जॉब के इंटरव्यू रहते हैं सब जर्मन लैंग्वेज में होते है, उसमें यही टेस्ट किया जाता है कि युवाओं की लैंग्वेज कैसी है, क्योंकि अगर लैंग्वेज उनको आती रहेगी तो थोड़ा टेक्निकल गैप रहेगा उसमें वह लोग उनको हेल्प भी कर सकते हैं, क्योंकि वह लोग अपनी लैंग्वेज में बात करेंगे, यह सब जर्मन लैंग्वेज़ में होता है, इंटरव्यू भी उसी के ऊपर रहता है, लैंग्वेज़ को कैसे सीखे है उसके ऊपर यह पूरा इंटरव्यू है।जर्मन भाषा स्पेशलिस्ट दमोह की नेहा साहू ने बताया मैं 2018 से जर्मन लेंग्वेज पढ़ा रही हॅू आज पी.जी कॉलेज में जो ओरिंटेशन प्रोग्राम हुआ उसमें मुझे आमंत्रित किया गया। यहॉ पर बच्चों को इसी से अवेयर कराने के लिए कि आपको जर्मनी में जॉब करना है, या पढ़ाई करनी है, तो लेंग्वेज आनी आवश्यक है। जर्मनी में अवसर बहुत अच्छी है और पे भी बहुत अच्छा है। आप जर्मनी जाकर बहुत अच्छा एमांउट अर्न कर सकते है, उसके लिये लैंग्वेज आनी बहुत आवश्यक है, ऐसे प्रोग्राम के माध्यम से बच्चों को बताना चाहते है कि आप दमोह में रहकर ही जर्मन सीख सकते है, आपको हिन्दी से रिलेट करके सिखायी जायेगी, तो आपको इस चीज के लिये डेडिकेशन की जरूरत भी होती है। उन्होने बताया लैंग्वेज में लेवल होते है और ए-1 बेसिक लेवल में होता है, जिसमें आप कम्यूनिकेशन कर सकते है और उसके एंटरमीडियेट लेवल होते जाते है।जिला रोजगार अधिकारी एल.पी लडिया ने कहा तकनीकी कौशल विभाग और रोजगार विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के मार्गदर्शन में आज रोजगार मेले का आयोजन किया गया है। इस मेले में आकर्षण के रूप से जर्मनी में कैरियर और रोजगार के अवसर पर जानकारी प्रदान करने के लिए जर्मन के प्रतिनिधि पुनीत भुटानी और नेहा साहू को आमंत्रित किया है और उन्होंने जर्मनी में रोजगार के अवसर पर विस्तृत रूप से जानकारी दी है।आई.टी.आई प्राचार्य अभिषेक तिवारी ने बताया युवा संगम रोजगार कार्यक्रम में मुख्य रूप से फोकस रहा है युवाओं को स्किल ओरियंटेशन, स्किल इंडिया प्रोग्राम जो चल रहा है, उसके बारे में मार्गदर्शन दे सकें। साथ ही में इस प्रोग्राम के माध्यम से वह अपना विदेश में कैसा करियर बना सकते हैं उस विषय पर आज विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया था और इस क्षेत्र में विशेषज्ञ और जर्मन लैंग्वेज ट्रेनर को आमंत्रित किया था। एलेन डेज नाम की कंसल्टेंट सर्विस भी आई थी जो पिछले 5-6 वर्षों से महाराष्ट्र सरकार के साथ सक्सेसफुली काम कर रही है, हमारा उद्देश्य था कि दमोह के विद्यार्थी टेक्निकल कोर्स के बाद विदेश में भी रोजगार प्राप्त कैसे कर सकते है।एक छात्रा ने बताया आज के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में हमने सीखा की वहां जर्मनी कैसे जा सकते हैं क्या करना पड़ता है, कैसे वहां पर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, रोजगार के क्षेत्र में वहां पर क्या अवसर है, उसके बारे में हमको बताया गया है।जिला जनसंपर्क अधिकारी वाई.ए कुरैशी ने आभार व्यक्त करते हुये कहा जिले के कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर युवाओं के लिए सतत् प्रयासरत है, ऐसे अवसरो का आपको सदैव लाभ उठाना चाहिए। आपके द्वारा बहुत अच्छे प्रश्न पूछे गये और उसका माकूल जबाव भी हमारे अतिथियों द्वारा दिये गये। आप सभी सौभाग्यशाली है कि ऐसे अवसर आप लोगों को प्राप्त हो रहे है, तो इसका लाभ उठाइये और आप सदैव पॉजिटिव रहे और कभी निगेटिव सोचिये ही मत क्योकि जिंदगी में वही सफल होते है जो पॉजीटिव रहते है।

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