नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जज संजीव कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई 29 अगस्त 2025 को हुई फुल कोर्ट मीटिंग में उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों के आधार पर की गई. जज संजीव कुमार सिंह पर वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी, एक वकील पर दबाव डालने, और यौन शोषण के एक मामले में पीडि़ता को समझौता करने के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप हैं.
खबरों के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज ने आदेश जारी कर कहा कि जांच पूरी होने तक जज संजीव कुमार सिंह बिना पूर्व अनुमति के दिल्ली से बाहर नहीं जा सकेंगे. निलंबन से पहले संजीव कुमार सिंह साकेत कोर्ट में जिला जज के पद पर कार्यरत थे और कमर्शियल मामलों की सुनवाई कर रहे थे. वे साकेत कोर्ट की रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स कमेटी के चेयरपर्सन भी थे.
यौन शोषण केस में गंभीर आरोप
आरोपों में शामिल है कि जज ने एक यौन शोषण मामले में पीडि़ता पर समझौते के लिए दबाव बनाया था, जो दिल्ली हाईकोर्ट में अपील के दौरान सामने आया. इसके बाद मामला विजिलेंस रजिस्ट्रार को जांच के लिए भेजा गया था. सूत्रों के मुताबिक, कदाचार के आरोपों में वित्तीय अनियमितताएं और एक वकील पर अनुचित दबाव डालने की कोशिश भी शामिल है.
जांच पूरी होने तक निलंबन
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जांच पूरी होने तक निलंबन का फैसला लिया है. यह घटना न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को फिर से चर्चा में ला रही है.











