सागर के वेदांती तिराहा पर 50 साल से अनवरत विराजमान हो रहे गणनायक, इस बार भी मनोहारी झांकी मनमोह रही

योगेन्द्र मोती, सागर 

श्री नवयुवक बाल गणेश समिति पंतनगर बर्ड वेदांती तिराहा सागर विगत 50 वर्ष से भगवान गणेश की प्रतिमा रखी जा रही है इसकी शुरुआत स्वर्गीय तुलाराम जी साहू के द्वारा की गई थी फिर इसका बीड़ा उनके पुत्र स्वर्गीय अशोक साहू एवं उनके साथियों के द्वारा कई वर्षों तक उठाया गया स्वर्गीय अशोक साहू अब इस दुनिया में नहीं है 8 बर्ष पहले उनका देहांत हुआ था अब इस कार्य को उनके लड़के गगन साहू एवं उनके युवा साथियों के द्वारा किया जा रहा है जिसमें कुछ वरिष्ठ लोग भी अभी शामिल है शुरुआत में 2 से 3 फीट तक की मूर्ति ही यहां रखी जाती थी फिर यह कार्य यही नहीं रुका फिर कई वर्ष तक बड़ी प्रतिमा 8 से 10 फिट तक की यहां रखी गई लेकिन इस बार भगवान गणेश एवं कार्तिक जी की बाल स्वरूप प्रतिमा माता पार्वती के साथ शिव परिवार शामिल है इस बार यह मनमोहन मूर्ति भक्तों को बहुत लुभा रही है जिसमें भगवान गणेश माता पार्वती के पैर दबा कर सेवा कर रहे हैं और भगवान कार्तिक जी माता को मोर पंख के माध्यम से हवा करते हुए यह मनमोहन मूर्ति छोटे-छोटे बच्चों को संदेश के रूप में यह दर्शाती है कि मां सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है और यहां की खास बात यह है कि यहां पर हर साल परम पटेल टेंट वाले यहां पर बहुत ही सुंदर-सुंदर साथ सजा करते हैं हर वर्ष उनके द्वारा यहां की थीम चेंज की जाती है इन्होंने 2023 में यहां छाते की सजावट की थी और 2024 में भी बहुत अच्छी रंगीन लाईट एवं कपड़े से सजावट की थी इस बार इन्होंने रोड पर जो सजा है वह कांच की फुटबॉल लटका कर की है और गर्भ ग्रह में फूलों सुसज्जित सजावट है वह संजय पटेल जी के द्वारा की जाती है वह भी इसमें कोई कसर नहीं छोड़ते सजावट में इस बार उन्हें भक्तों को चलने के लिए कांच की गैलरी बनाई है जो लोगों को बहुत लुभा रही है भगवान गणेश जी के लिए यहां पर प्रतिदिन बदल बदल कर 51 किलो मिष्ठान का भोग समिति एवं भक्तों के द्वारा लगवाया जाता है जिसमें भक्त लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं प्रसादी का भोग लगवाने के लिए और यह प्रसादी यहीं पर कारीगरों के द्वारा रोज निर्मित कराई जाती है जिसका कार्य दीपक साहू एवं चंदन के द्वारा किया जाता है रोज शाम 7:00 बजे संगीत के माध्यम से हनुमान मंडल के द्वारा भगवान गणेश जी की आरती संगीतमय की जाती है जिसमें भारी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे और कई लोग शामिल होते है।

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