जबलपुर. एमपी हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक भर्ती 2024 को अंतिम फैसले के अधीन रखा है. विभाग ने 800 पदों से अधिक सीधी भर्तियों के पदों पर नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षा 28 फरवरी 2025 को आयोजित की थी. इसके बाद 19 जून 2025 को फाइनल मैरिट लिस्ट जारी की गई.
जबलपुर निवासी केएम वैशाली के 172.92 अंक व 99.02 प्रतिशत होने पर भी उनका नाम न तो चयन सूची में था और न ही प्रतीक्षा सूची में. इसके बाद केएम वैशाली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. जिसमें उन अभ्यर्थियों को भी पक्षकार बनाया गया है. जिनके कम अंक होने के बावजूद सिलेक्ट कर लिया गया.
याचिका पर आज प्रारंभिक सुनवाई जस्टिस एमएस भट्टी की खंडपीठ ने की है. याचिका में उठाई गई बातों को गंभीरता से लेते हुए को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर भर्ती प्रक्रिया को याचिका के अंतिम फैसले के अधीन कर लिया है. याचिकाकर्त्ता की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, हितेंद्र गोल्हानी, अभिलाषा सिंह लोधी ने पक्ष रखा.










