जबलपुर. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जिला बार एसोसिएशन, टीकमगढ़ के चुनाव में दो अधिवक्ताओं के मताधिकार से जुड़े विवाद पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है. अदालत ने दोनों अधिवक्ताओं को मतदान की अनुमति तो दे दी है, लेकिन उनके वोटों की गणना और चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए विशेष शर्त निर्धारित की है. हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जीतने और दूसरे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशी के बीच दो मतों से अधिक का अंतर होने पर ही चुनाव परिणाम घोषित किया जा सकेगा. यदि अंतर दो या इससे कम मतों का रहता है तो विवादित दोनों वोटों की गणना का प्रश्न महत्वपूर्ण हो जाएगा.
न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता अनिल कुमार अहिरवार और अभिनव यादव की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया. दोनों ने जिला बार एसोसिएशन के चुनाव की अंतिम मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती दी थी. अदालत के आदेश से अब चुनाव परिणाम की घोषणा इन दोनों अधिवक्ताओं के मतों और स्टेट बार काउंसिल के निर्णय से जुड़ गई है.
2024 की मतदाता सूची में थे नाम, 2026 में हटाए गए
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अनिल कुमार अहिरवार और अभिनव यादव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि वर्ष 2024 में हुए चुनाव की मतदाता सूची में उनके नाम शामिल थे. इसके बावजूद वर्ष 2026 के चुनाव के लिए तैयार की गई अंतिम मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए गए.
दोनों अधिवक्ताओं ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए अपने मताधिकार की मांग की थी. उनका मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद चुनाव में उनके मतदान के अधिकार को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता पैदा हुई









