नई दिल्ली. राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने संकेत दिया है कि नीट को बहुत जल्द कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के रूप में आयोजित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा ही भविष्य है और नीट को भी इस व्यवस्था में लाने की दिशा में काम चल रहा है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बदलाव किस वर्ष की नीट परीक्षा से लागू होगा.
अभिषेक सिंह के मुताबिक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की लगभग सभी प्रमुख परीक्षाएं पहले से कंप्यूटर आधारित हो चुकी हैं और नीट ही प्रमुख अपवाद है. अब इसे भी कंप्यूटर आधारित व्यवस्था में लाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए परीक्षा केंद्रों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है.
नीट को लेकर चल रही है बड़ी तैयारी
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि नीट को बहुत जल्द कंप्यूटर आधारित माध्यम में ले जाया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कार्यबल इस दिशा में काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने के लिए केवल प्रश्नपत्र को डिजिटल स्क्रीन पर उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं होगा. इसके लिए देशभर में परीक्षा से जुड़ा बुनियादी ढांचा मजबूत करना होगा और ऐसी सुरक्षा व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता कायम रहे.
नीट देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है. इसके माध्यम से बड़ी संख्या में विद्यार्थी मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं. इसलिए परीक्षा के माध्यम में होने वाला बदलाव करोड़ों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
अभी पेन पेपर माध्यम में होती है नीट
फिलहाल नीट का आयोजन पेन और पेपर माध्यम से किया जाता है. इसके विपरीत जेईई, यूजीसी-नेट, सीयूईटी और निफ्ट जैसी कई प्रमुख परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित की जा रही हैं.
एनटीए महानिदेशक ने कहा कि एजेंसी की लगभग सभी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित हो चुकी हैं और आने वाले समय में उसकी सभी परीक्षाओं को इसी व्यवस्था में लाने की दिशा में काम किया जाएगा. उनके अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा भविष्य की जरूरत है.
इस बदलाव के पीछे परीक्षा संचालन को अधिक तकनीक आधारित बनाने, प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का उद्देश्य बताया जा रहा है.








