मुंबई. डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआईआई) की मुंबई जोनल यूनिट ने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़े मल्टी-नेशनल गोल्ड स्मगलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है. खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत अधिकारियों ने 10.75 करोड़ रुपये मूल्य के 24-कैरेट सोने के साथ 6 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस संगठित सिंडिकेट में दुबई, बैंकॉक और माले के बीच यात्रा करने वाले विदेशी ट्रांजिट यात्रियों के साथ एयरपोर्ट का ग्राउंड स्टाफ भी शामिल था.
डीआरआई की टीम ने 29 अगस्त को ऑपरेशन मिडनाइट गोल्डस्ट्राइक नाम से एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया. जांच के दौरान अधिकारियों ने एयरपोर्ट के एक स्टाफ मेंबर को उस वक्त धर दबोचा जब वह वैक्स (मोम) के रूप में सोने की धूल से भरे 7 कैप्सूल लेकर एयरपोर्ट से बाहर निकलने की फिराक में था. कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी कर्मचारी ने खुलासा किया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले ट्रांजिट यात्री एयरपोर्ट के अंदर उसे यह सोना सौंपते थे, जिसे वह सुरक्षा जांच से बचाकर बाहर निकालता था.
6.85 किलो सोना बरामद, 5 बांग्लादेशी नागरिक भी धरे गए
कर्मचारी से मिली जानकारी के आधार पर डीआरआई ने जाल बिछाकर सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया. तलाशी के दौरान कुल 16 कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें 6.859 किलोग्राम 24-कैरेट सोने की धूल भरी हुई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 10.75 करोड़ रुपये है. मामले में कस्टम एक्ट, 1962 के तहत सोना जब्त कर लिया गया है और गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में 5 बांग्लादेशी ट्रांजिट यात्री और 1 एयरपोर्ट कर्मी शामिल है.
स्टाफ की मिलीभगत से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
तस्करी के इस बड़े नेटवर्क में एयरपोर्ट के अंदरूनी स्टाफ की संलिप्तता सामने आने के बाद सुरक्षा और राजस्व एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, अंदरूनी कर्मियों का इस्तेमाल कर सुरक्षा जांच को चकमा देना गंभीर चिंता का विषय है. इससे पहले अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी 49 लाख रुपये से अधिक का सोना पकड़ा गया था, जिसके बाद से पूरे देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है.


