छतरपुर ब्यूरो
छतरपुर जिले में एक पालतू कुत्ते की मौत के बाद भावुक करने वाला मामला सामने आया। राजनगर क्षेत्र के पिपट गांव में एक पालतू कुत्ते की मौत के बाद उसके मालिक ने न केवल परिवार के सदस्य की तरह उसका विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार कराया, बल्कि उसकी अस्थियों को भी गंगा में विसर्जित करने के लिए प्रयागराज ले जाने की बात कही।
#पिपट निवासी सद्दू महाराज के अनुसार 10 वर्ष पूर्व जब इस कुत्ते का जन्म हुआ था, तभी उसकी मां ने दम तोड़ दिया था। मां का निधन होने के बाद उन्होंने कुत्ते का परिवार के सदस्य की तरह पालन-पोषण किया। सद्दू महाराज ने कुत्ते का नाम तिलकधारी रखा था और इसी नाम से उसे पूरा गांव जानता था। जन्म के कुछ समय बाद उन्होंने कुत्ते का जन्मोत्सव भी मनाया था, जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ था। कुत्ते और सद्दू महाराज के परिवार के लोगों में इस कदर प्रेम था कि उनकी बेटी हर रक्षाबंधन पर राखी बांधती थी। पिछले कुछ दिनों से कुत्ते यानि कि तिलकधारी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था और शनिवार को उसने अंतिम सांस ली। तिलकधारी के निधन से पूरा परिवार दुखी है। सद्दू महाराज ने विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार कराया और अब उसकी अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने के लिए प्रयागराज ले जाने का निर्णय लिया है।











