मुंबई. मालाड इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पश्चिम रेलवे में कार्यरत एक 31 वर्षीय वरिष्ठ खंड अभियंता पर अपनी पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने का आरोप लगा है. पुलिस के अनुसार, यह घटना तब हुई जब पीड़िता ने पति के कथित विवाहेतर संबंधों के कारण तलाक की अर्जी दाखिल की. डिंडोशी पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीडि़ता और आरोपी का विवाह 25 नवंबर 2020 को हुआ था, जिसके बाद वे गोरेगांव पश्चिम में रहने लगे. पीडि़ता वर्तमान में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही है. एफआईआर के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही महिला को पति के किसी अन्य महिला के साथ संबंधों का पता चला, जिससे दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए. विवाद बढऩे पर अगस्त 2024 में महिला अपने मायके चली गई. आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसके घर जाकर गाली-गलौज की और आत्महत्या की धमकी देकर फंसाने की कोशिश की.
इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर किया बदनाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर महिला के इंस्टाग्राम अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच बनाई और उसकी प्रोफाइल की जानकारी बदल दी. जून 2025 में जब महिला ने बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए आवेदन किया, तो आरोपी का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया. 15 जनवरी 2026 को आरोपी ने पीडि़ता के अकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट और तस्वीरें अपलोड कीं. साथ ही, उसने फोन पर धमकी दी कि यदि तलाक की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो वह उसे जान से मार देगा.
ताजा घटना 18 मार्च 2026 की है, जब आरोपी ने कथित तौर पर पीडि़ता की निजी तस्वीरें वन-टाइम व्यू कैप्शन के साथ अपलोड कीं और बाद में उन्हें हटा दिया. हालांकि, पीडि़ता ने दूसरे मोबाइल फोन की मदद से इन तस्वीरों को देख लिया और सबूत जुटाए. आरोपी पर पीडि़ता के दोस्तों और उनके परिवारों को अपमानजनक वॉयस मैसेज भेजकर चरित्र हनन करने का भी आरोप है.
नए धाराओं में केस दर्ज
पीडि़ता की शिकायत के आधार पर, डिंडोशी पुलिस ने 21 मार्च को आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएल) की धारा 351(2), 352, 356 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 66सी, 66ई और 67ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस मामले की तकनीकी जांच कर रही है ताकि डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा सकें.










