जलगांव. महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा से दिनदहाड़े करोड़ों रुपये की डकैती का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शनिवार (31 अक्टूबर) दोपहर हेलमेट और मास्क पहनकर पहुंचे 4 हथियारबंद डकैतों ने बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर 16 लॉकर तोड़ दिए. फिर 27 किलो सोना (कीमत लगभग 30 करोड़) तथा 15 लाख कैश लूटकर फरार हो गए. मामला धरणगांव तालुका स्थित भोकर गांव का है. हालांकि, ग्रामीणों की बहादुरी और जलगांव पुलिस की त्वरित नाकाबंदी के चलते महज कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
इस डकैती का मास्टरमाइंड महाराष्ट्र पुलिस का एक बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीेसआई) निकला, जिसने जेल में रहते हुए इस पूरी वारदात की साजिश रची थी. शनिवार दोपहर करीब 3 बजे दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 4 नकाबपोश डकैत भोकर स्थित एसबीआई बैंक में दाखिल हुए. डकैतों ने बंदूक की नोक पर बैंक मैनेजर और कैशियर को अपने कब्जे में लिया. विरोध करने पर मारपीट की और दोनों को कुर्सी से बांध दिया.
दहशत फैलाने के लिए आरोपियों ने बैंक के भीतर 2 राउंड फायरिंग की (गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी). इसके बाद लॉकर रूम में घुसकर कटर से 16 लॉकर तोड़ दिए और लगभग 27 किलो सोने के आभूषण व 15 लाख नकद 6 बैगों में भरकर भाग निकले.
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, पुलिस ने सभी 4 दबोचे
डकैती की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों और बैंक कर्मियों ने पुलिस को सूचित करते हुए डकैतों का पीछा करना शुरू कर दिया. विदगांव के पास ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए एक आरोपी को धर दबोचा, जिसके पास से लूट का माल बरामद हुआ. इसके बाद धरणगांव पुलिस ने नाकाबंदी कर अन्य 3 आरोपियों को भी अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने डकैतों के पास से लूटा गया सोना-कैश और लूट में इस्तेमाल किए गए 5 बैग बरामद कर लिए हैं.
बर्खास्त एसआई शंकर जासक निकला मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस डकैती की पूरी प्लानिंग महाराष्ट्र पुलिस के बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर शंकर रमेश जासक ने बनाई थी, जो पूर्व में जेल में रहने के दौरान आपराधिक गिरोह के संपर्क में आया था.









