सागर। आबचंद गुफा क्षेत्र में शनिवार शाम गदेरी नदी के तेज बहाव के बीच फंसे 9 बच्चों के लिए सागर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम देवदूत बनकर पहुंची। चारों तरफ पानी और अंधेरा होने के कारण बच्चों तक सीधे पहुंचना मुश्किल था। ऐसे में पुलिस टीम ने आबचंद गांव की ओर से करीब 4 किलोमीटर घने जंगल और दुर्गम रास्ते से पैदल पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके बाद एसडीआरएफ के जवान तेज बहाव वाली नदी में उतरे और सभी 9 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना की सूचना शनिवार शाम करीब 6.50 बजे डायल-112 और पुलिस कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही एसपी अनुराग सुजानिया ने रेस्क्यू की पल-पल मॉनिटरिंग शुरू कर दी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए।
गुफा की तरफ से रास्ता बंद मिला, गांव की ओर से बनाई नई रणनीति
आबचंद गुफा की तरफ से बच्चों तक पहुंचना बेहद जोखिमपूर्ण था। रास्ता कठिन होने के कारण अधिकारियों ने तत्काल वैकल्पिक रास्ते से पहुंचने का निर्णय लिया। एएसपी नरेंद्र सोलंकी और एसडीओपी रहली प्रकाश मिश्रा पुलिस टीम के साथ आबचंद गांव की ओर से रवाना हुए।
करीब 4 किमी का रास्ता घने जंगल से होकर गुजरता था। रात का अंधेरा, दुर्गम रास्ता और जंगली जानवरों का खतरा होने के बावजूद टीम पीछे नहीं हटी। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से जंगल में रास्ता तलाशा गया। जीपीएस नेविगेशन और सर्चलाइट की मदद से टीम धीरे-धीरे बच्चों के करीब पहुंची।
नदी में उतरते ही शुरू हुआ जिंदगी बचाने का मिशन
मौके पर पहुंचने के बाद सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को तेज बहाव से बाहर निकालना थी। बच्चे नदी के बीच पानी से घिरे हुए थे। पानी का बहाव लगातार तेज था और किसी भी समय स्थिति बिगड़ सकती थी।
होमगार्ड कमांडेंट भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम ने मोर्चा संभाला। जवान अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में उतरे और बेहद सावधानी से बच्चों तक पहुंचे। इसके बाद एक-एक कर सभी 9 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एसपी की मॉनिटरिंग, अफसरों ने मौके पर संभाला मोर्चा
पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एसपी अनुराग सुजानिया लगातार अधिकारियों से संपर्क में रहे। एएसपी नरेंद्र सोलंकी और एसडीओपी रहली प्रकाश मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर टीमों के बीच समन्वय संभाला।
पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने अंधेरे और विपरीत परिस्थितियों के बीच ऑपरेशन को अंजाम दिया। कंट्रोल रूम प्रभारी आरकेएस चौहान ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विभिन्न टीमों के बीच समन्वय और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की।
9 बच्चों का रेस्क्यू, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद परिजनों को सौंपा
रेस्क्यू किए गए सभी 9 बच्चे इंजीनियरिंग कॉलेज रोड, बहेरिया, जिला सागर के निवासी हैं। इनमें रिया (19), उपासना (20), सानिया (18), निक्की उर्फ निकिता (19), डाली (16), राज (18), राजा (17), नीरज अहिरवार (18) और सिया (17) शामिल हैं।
रेस्क्यू के बाद सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। सभी स्वस्थ पाए गए, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।


