दिल्ली ब्यूरो
कांग्रेस के दिग्गज नेता सज्जन कुमार का निधन हो गया है। वह लोकसभा सांसद रह चुके हैं और 1984 के सिख दंगों में दोषी पाए गए थे। हालांकि, दो मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट ने जनवरी में उन्हें बरी कर दिया था। खबर है कि राजधानी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया था। सफदरजंग अस्पताल ने मौत की पुष्टि कर दी है।
कुमार तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। उन्हें सिख विरोधी दंगों से जुड़े 2 मामलों में सजा सुनाई गई थी। जबकि, 1 मामले में वह बरी हुए थे। ये मामला जनकपुरी इलाके में हुई हिंसा का था। इस केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने जनवरी 2026 में उन्हें बरी कर दिया था। तब अदालत ने यह फैसला सबूतों की कमी का हवाला देते हुए सुनाया था।
2018 और 2025 में सजा
साल 2013 में लोअर कोर्ट ने पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट 1 में 5 लोगों की हत्या मामले में बरी कर दिया था। इसके बाद दिसंबर 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसले को पलटा था और आपराधिक साजिश और हत्याओं का दोषी पाया गया था। तब उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और 1984 सिख विरोधी दंगों को मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया था।
साल 2025 में कुमार को एक और मामले में सजा हुई और राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोषी पाया था। तब भीड़ ने दो लोगों की हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष ने तब कुमार के लिए मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। एक मामले में बरी होने के बाद भी वह इन दो मामलों में सजा काट रहे थे।
पूर्व PM की हत्या के बाद भड़की थी हिंसा
31 अक्तूबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हिंसा भड़क गई थी। पूर्व पीएम की उनके ही दो बॉडीगार्ड्स सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने हत्या कर दी थी। इसके बाद कई समूहों ने सिख समुदाय पर हमले किए। उस दौरान उनके घरों, दुकानों को निशाना बनाया गया था। इस दौरान सबसे ज्यादा दिल्ली प्रभावित हुई थी।


