विदिशा में किराया बढ़ोतरी के विरोध में छात्राओं ने बस रोककर किया प्रदर्शन, प्रशासन के हस्तक्षेप से पुरानी दरें बहाल

विदिशा/सिरोंज. सिरोंज में बस किराए में अचानक हुई बढ़ोतरी के विरोध में ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल आने वाली छात्राओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. बस ऑपरेटरों द्वारा 10 रुपये के स्थान पर 25 रुपये किराया मांगे जाने से नाराज छात्राएं बस स्टैंड पर बस के आगे खड़ी हो गईं और किराया कम होने तक हटने से इनकार कर दिया. प्रशासन और स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद छात्राओं को राहत मिली है.

10 रुपये की जगह मांगे जा रहे थे 25 रुपये
सिरोंज के शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में आसपास के 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थित गांवों से करीब 30 से 35 छात्राएं प्रतिदिन पढ़ने आती हैं. इनमें पाटन, टोरी बागरोद, रूसिया और मुरवास सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राएं शामिल हैं. हाल ही में बस संचालकों ने छात्राओं से पहले लिए जाने वाले 10 रुपये के बजाय 25 रुपये किराया लेना शुरू कर दिया था.

किराए में ढाई गुना बढ़ोतरी से परेशान छात्राओं ने मंगलवार को स्कूल की छुट्टी के बाद बस स्टैंड पहुंचकर विरोध जताया. छात्राएं बसों के सामने खड़ी हो गईं और बढ़ा हुआ किराया वापस लेने की मांग की.

प्रशासन ने दिया समाधान का आश्वासन
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. एसडीएम ओम नारायण बड़कुल ने छात्राओं से चर्चा कर समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया.

विधायक के निर्देश पर बस ऑपरेटरों की बैठक
तिरंगा यात्रा के समापन के बाद सिरोंज पहुंचे विधायक उमाकांत शर्मा को जब मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने एसडीएम और जिला परिवहन अधिकारी (RTO) को बस संचालकों की तत्काल बैठक बुलाने के निर्देश दिए. बुधवार को हुई बैठक में बस ऑपरेटरों ने छात्राओं से पुरानी किराया दर ही लेने पर सहमति जताई.

15 किलोमीटर के दायरे में विशेष बस पास की मांग
विधायक उमाकांत शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 15 किलोमीटर के दायरे से आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष बस पास की सुविधा देने और किराए में स्थायी छूट का प्रावधान करने की मांग की है.

स्कूल पहुंचकर छात्राओं को दी जानकारी
एसडीएम ओम नारायण बड़कुल ने स्वयं स्कूल पहुंचकर छात्राओं से संवाद किया और उन्हें बताया कि अब उनसे बढ़ी हुई दर के बजाय पुराना किराया ही लिया जाएगा. प्रशासन के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों से रोजाना सिरोंज आने वाली छात्राओं को बड़ी राहत मिली है.

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