सूरत. गुजरात में सूरत के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में पढ़ाई कर रहे फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने रैगिंग से परेशान होकर रविवार को सुसाइड कर लिया. कॉलेज के चार सीनियर अनुज महेश्वरी, दीक्षित धेवरिया, निराली वसावे और हिनाबेन भूत पर रैगिंग का आरोप लगा है. कॉलेज प्रशासन ने इन्हें 6 महीनों के लिए सस्पेंड कर दिया है. साथ ही उन्हें हॉस्टल खाली करने का भी आदेश दिया गया है.
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को चारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई है. साथ ही एचओडी और तीन फैकल्टी सदस्यों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पीड़ित स्टूडेंट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से जुड़े न्यू सिविल हॉस्पिटल के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में काम करता था.
दरवाजा अंदर से बंद था, फंदे पर लटका था शव
रविवार सुबह हॉस्टल के रूम नंबर 1004 का दरवाजा अंदर से बंद था. हर्ष पंड्या से संपर्क नहीं हो पाने पर उनके साथी डॉक्टर कमरे के बाहर पहुंचे. काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर सिक्योरिटी स्टाफ को बुलाया गया. स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा और हर्ष पंड्या को पंखे से लटके देखा. उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
तीन टीमों ने लगातार 8 घंटे तक पूरी फैकल्टी से की पूछताछ
परिवार के रैगिंग के आरोपों के बाद मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वाड और कॉलेज काउंसिल ने जांच की. तीनों टीमों ने करीब 8 घंटे तक टीचर्स से लेकर स्टाफ तक से बारी-बारी से पूछताछ की. जांच में रैगिंग के आरोप सही पाए. कुछ पीडि़तों ने बताया कि चारों आरोपी सीनियर्स उन्हें कमरों में बंद कर कई-कई घंटों तक टॉर्चर करते थे. गालियां देते थे और मारपीट करते थे. जांच में यह भी पता चला है कि इस घटना से पहले शिक्षकों से रैगिंग को लेकर शिकायत भी की गई थी. अब इसकी भी जांच की जा रही है कि आखिर पहले ही आरोपियों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया गया.


