सागर। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो रहे होनहार और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। शहर के रामसरोज समूह ने ऐसे मेधावी बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठाने की घोषणा की है, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद फीस जमा नहीं कर पाने के कारण पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। समूह जरूरतमंद विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी फीस सहित आवश्यक शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के भविष्य की राह में बाधा न बने।
यह घोषणा रामसरोज समूह के चेयरपर्सन एवं युवा उद्योगपति शैलेश केशरवानी ने शनिवार को होटल रामसरोज में हिंदी दैनिक नवदुनिया द्वारा आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है। ऐसे में किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की पढ़ाई सिर्फ पैसों की कमी के कारण रुकना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि रामसरोज समूह का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। समूह उनकी फीस के साथ-साथ जरूरत के अनुसार अन्य शैक्षणिक सहयोग भी उपलब्ध कराएगा, जिससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। केशरवानी ने समाज के सक्षम लोगों, उद्योगपतियों और संस्थाओं से भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समाज मिलकर बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाए, तो अनेक प्रतिभाएं आर्थिक अभाव के कारण दम तोड़ने के बजाय देश और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।
समारोह में उपस्थित शिक्षाविदों और अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में प्रेरणादायी कदम बताया। कार्यक्रम में डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलपति, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) सहित शिक्षा जगत की अनेक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया।


