लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को एक भीषण अग्निकांड से दहल उठी. अलीगंज क्षेत्र के सेक्टर-डी स्थित उषा मेहता मार्ग पर बने एक बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग झुलस गए हैं. कई घायलों का उपचार किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में जारी है. हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत एवं बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहे.
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब तीन बजे इमारत में संचालित एक कोचिंग सेंटर से आग लगने की सूचना मिली. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शुरुआत में धुआं निकलता दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया. भवन में कोचिंग सेंटर के अलावा लाइब्रेरी, एनीमेशन प्रशिक्षण केंद्र, गेमिंग जोन, पेट शॉप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे थे. आग फैलने के बाद भीतर मौजूद छात्र, कर्मचारी और अन्य लोग फंस गए.
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. शुरुआती तौर पर तीन दमकल गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए बाद में अतिरिक्त संसाधन बुलाए गए. पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दलों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया. कई लोगों को खिड़कियां और शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया. कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि इमारत में कई संस्थान संचालित हो रहे थे और आग लगने के समय बड़ी संख्या में लोग भीतर मौजूद थे. उन्होंने कहा कि घायल छात्रों और अन्य लोगों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है तथा सभी को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. अधिकारियों के अनुसार अब तक 22 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 18 लोगों की मौत हो चुकी है.
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ लौटने का निर्णय लिया. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री स्वयं भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर स्थिति की समीक्षा करने वाले हैं.










