कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज, सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने रिटर्निंग अफसर के आदेश को सही माना और उसे खारिज नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है. तर्क-दलील के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला चुनाव आयोग के समक्ष ले जाना चाहिए.

सुनवाई के दौरान बड़ी टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में नोटिस दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिकायत भले ही निजी थी लेकिन कोर्ट ने नोटिस जारी किया यानी वह प्रथम दृष्टया शिकायत से सहमत है. इस पर अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि केवल नोटिस दिया गया था, इस पर आरोप तय नहीं हुए थे. इस सुनवाई से पहले दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मीनाक्षी ने कहा कि सारे मामले की जड़ फॉर्म 26 है. कहा गया कि मेरे द्वारा केस को दर्ज नहीं किया गया जबकि सच्चाई आपके सामने है. अगर आपराधिक या दंडनीय अपराध वाले मामले हैं तो जानकारी देनी है, जबकि इस मामले में सिर्फ एक लीगल नोटिस था, जिसका अदालत ने अभी तक संज्ञान तक नहीं लिया है. इसको दर्ज करने के लिए कहाँ कॉलम है बताइए? अगर ऐसा कोई कॉलम होता तो मैं जरूर सूचना देगी. आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है, इसलिए इसके अलावा और कुछ नहीं बोलूंगी. मैंने कुछ नहीं छिपाया है, सारी जानकारी दी है.

वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस एकजुट है और हमारे साथ 61 विधायक हैं, इससे भाजपा डर गई है. देश की राजनीति में लोकतंत्र को कलंकित करने वाले घटनाक्रम को लेकर बात रखूंगा. भारतीय राजनीति में पहली बार आजादी के बाद राज्यसभा का नामांकन निरस्त हुआ है. एमपी कांग्रेस के सभी विधायक आज यहां है सिर्फ कमलनाथ के अलावा, राज्यसभा के लिए पूरी संख्या थी, इसलिए भाजपा ने ये साजिश रची है. वहीं मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अब देश के सामने चिंतन और मनन का समय है. यह राज्य सभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन की फॉर्म निरस्त किया गया, वह एकदम गलत है.

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