ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के एलाइनमेंट की फिर से समीक्षा होगी, रेलमंत्री ने दिए निर्देश

जबलपुर. ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र को जोडऩे वाली एक महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी परियोजना है. इस प्रोजेक्ट के पुन: एलाइनमेंट के निर्देश रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिये हैं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के लिए कम से कम पेड़ों की कटाई हो.

उल्लेखनीय है कि यह परियोजना मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के पिछड़े एवं दूरस्थ क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोडऩे की दिशा में एक बड़ा कदम है. प्रस्तावित रेल लाइन मध्य प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र को झांसीभोपाल मुख्य रेल मार्ग से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास, रोजगार एवं आवागमन को नई गति मिलेगी.

यह रेल लाइन पन्ना के जंगल क्षेत्र से होकर गुजरती है. परियोजना के अलाइनमेंट से संबंधित समाचारों का रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संज्ञान लिया है. रेल मंत्री ने परियोजना के अलाइनमेंट से जुड़े ड्रोन फोटोग्राफ्स एवं टोपो शीट का विस्तृत अध्ययन किया. रेल मंत्री श्री वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान अलाइनमेंट का पुन: तकनीकी परीक्षण कराया जाए. इसके लिए विशेषज्ञों की टीम को शामिल कर रेलवे लाइन निर्माण के सभी संभावित विकल्पों का अध्ययन किया जाएगा, ताकि पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े एवं अधिक से अधिक पेड़ों को सुरक्षित रखा जा सके.

रेल मंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्र में जितने पेड़ प्रभावित होंगे, उनसे दोगुने से अधिक संख्या में पेड़ आगामी मानसून से पूर्व लगाए जाएं. भारतीय रेल विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

जहां 54 हजार पेड़ कटे, रेल लाइन के लिए वहीं फिर सर्वे

खजुराहो-पन्ना रेल परियोजना में 54,578 पेड़ों की कटाई के बाद रूट बदलने के मामले में नया मोड़ आ गया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उसी पुराने रूट पर दोबारा अध्ययन कराने के निर्देश दिए, जहां पेड़ काटे जा चुके हैं. उन्होंने टेक्निकल एक्सपर्ट से ड्रोन फोटो और टोपोशीट के आधार पर जांच कर यह देखने को कहा है कि क्या उसी एलाइनमेंट पर रेल पटरी बिछाई जा सकती है. वहीं इस मामले में पमरे ने तीन सदस्यीय जांच समिति भी गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी.

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