नया एलपीजी नियम लागू, घरों में एलपीजी या पीएनजी में किसी एक को चुनना होगा

दिल्ली ब्यूरो

देश में घरेलू रसोई गैस को लेकर केंद्र सरकार ने एक अहम बदलाव लागू किया है, जिसके तहत अब एक ही घर में एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी कनेक्शन दोनों एक साथ नहीं रखे जा सकेंगे. नए नियम के अनुसार यदि किसी घर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन सक्रिय है, तो उस परिवार को अपना एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करना होगा. इस फैसले को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के तहत लागू किया जा रहा है और इसे कानूनी आधार भी प्राप्त है.

सरकार का कहना है कि यह कदम ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और आपूर्ति को संतुलित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. दरअसल भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. कच्चे तेल का लगभग 88 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आता है. ऐसे में वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आपूर्ति मार्गों पर खतरे के कारण ईंधन की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है.

नए नियम के तहत स्पष्ट किया गया है कि जिन घरों में पहले से पीएनजी कनेक्शन चालू है, वहां एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग रोकी जा सकती है. साथ ही गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे उपभोक्ताओं को नए एलपीजी कनेक्शन जारी न करें, जिनके यहां पहले से पीएनजी की सुविधा मौजूद है. इस दिशा में देशभर में कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है और गैस एजेंसियां ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रही हैं, जिनके पास दोनों प्रकार के कनेक्शन हैं.

सरकार का मानना है कि पीएनजी एक अधिक स्थिर और सुविधाजनक विकल्प है, क्योंकि इसमें सिलेंडर की डिलीवरी या स्टोरेज की जरूरत नहीं होती. पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक गैस पहुंचती है, जिससे लॉजिस्टिक चुनौतियां कम होती हैं और आपूर्ति अधिक नियमित बनी रहती है. यही वजह है कि शहरी क्षेत्रों में पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सके और जिन क्षेत्रों में पीएनजी उपलब्ध नहीं है, वहां एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

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