कम शब्दों में गहरी बात ही लघुकथा की सफलता : शीला मिश्रा

भोपाल। हिंदी लेखिका संघ द्वारा विश्व संवाद केंद्र में लघुकथा पाठ गोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार शीला मिश्रा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ लघुकथाकार श्री चरणजीत सिंह कुकरेजा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसे नीलू शुक्ला ने प्रस्तुत किया। स्वागत वक्तव्य में संघ की अध्यक्ष डॉ. साधना गंगराड़े ने कहा कि लेखिका संघ निरंतर विधा-आधारित गोष्ठियों का आयोजन करता रहा है और इसी क्रम में लघुकथा पर केंद्रित यह आयोजन किया गया है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में शीला मिश्रा ने कहा कि आज की लेखिकाएँ शब्दों की साधना में निरंतर संलग्न हैं और लघुकथा सीमित शब्दों में जीवन के अनुभवों और घटनाओं को सारगर्भित ढंग से प्रस्तुत करने की सशक्त विधा है।

मुख्य अतिथि श्री चरणजीत सिंह कुकरेजा ने लघुकथा की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए नवीन विषयों पर लेखन की आवश्यकता बताई तथा अपनी लघुकथा ‘गृहलक्ष्मी की सीख’ प्रस्तुत की।

गोष्ठी में महिमा श्रीवास्तव वर्मा, शालिनी खरे, निरुपमा खरे, मृदुल त्यागी, मधुलिका सक्सेना, नीना सिंह सोलंकी, संगीता सूर्यप्रकाश मुरसेनिया, डॉ. मालती बसंत, डॉ. वर्षा ढोबले, शीला श्रीवास्तव, मधु सक्सेना, उषा चतुर्वेदी, डॉ. कुमकुम गुप्ता, नविता जौहरी, सीमा स्वरागिनी, प्रियंका श्रीवास्तव एवं नीलू शुक्ला सहित लगभग 20 रचनाकारों ने विविध विषयों पर लघुकथाओं का पाठ किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सुनीता यादव ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन मधुलिका श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर लेखिका संघ की सुनीता यादव, अनीता सक्सेना, कल्पना विजयवर्गीय, साधना शुक्ला, नीलिमा रंजन सहित भोपाल के अनेक वरिष्ठ साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

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