सागर संवाददाता
मध्य प्रदेश के सागर-गढ़ाकोटा रोड पर डॉ. नीलेश पटेल की पत्नी सीमा कुर्मी (38) की मौत का मामला अब हत्या की गुत्थी में उलझता नजर आ रहा है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति डॉ. नीलेश पटेल और उनके अस्पताल के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद से ही पुलिस इसे संदिग्ध मानकर चल रही थी, लेकिन शुरुआती जांच और साक्ष्यों ने शक की सुई डॉक्टर पति की ओर घुमा दी है।
पुलिस की जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि जिस कार में सीमा का शव मिला, वह गाड़ी बहुत कम जली है, जबकि सीमा का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, किसी भी सामान्य कार दुर्घटना या आग में ऐसा होना तकनीकी रूप से कठिन है। इसी विसंगति ने पुलिस को हत्या और फिर साक्ष्य मिटाने की साजिश की ओर इशारा किया है।
हिरासत में लिए गए डॉ. नीलेश पटेल से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो वह हर बार अपने बयान बदलता नजर आया। पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल यह भी है कि यदि कार में आग लगी या कोई हादसा हुआ, तो कार में सवार अन्य तीन लोग (पति और स्टाफ) पूरी तरह सुरक्षित कैसे बच गए? केवल सीमा की ही जलकर मौत होना इस पूरी घटना को सोची-समझी साजिश बता रहा है। मृतका के पिता राधा चरण पटेल ने पुलिस को दिए बयान में सीधे तौर पर अपने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रात 4 बजे फोन आया कि सीमा बेहोश है, फिर बताया गया कि एक्सीडेंट हुआ है। हमें पूरा यकीन है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है। नीलेश के किसी अन्य महिला से संबंध थे, जिसके कारण घर में अक्सर झगड़ा होता था। मेरी बेटी को रास्ते से हटाने के लिए यह नाटक रचा गया है।
रविवार शाम पुलिस की एक विशेष टीम गढ़ाकोटा स्थित डॉ. नीलेश की क्लीनिक और उनके निवास पर पहुंची। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ की गई इस छापेमारी में पुलिस के हाथ कुछ अहम दस्तावेज और सबूत लगे हैं। पुलिस ने घटनास्थल से भी साक्ष्य जुटाए हैं जिन्हें लैब भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, मृतका की विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और जलने के कारणों (केमिकल या पेट्रोल) का पता चल सकेगा। फिलहाल तीनों संदिग्धों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ जारी है और उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करेगी।










