बेंगलुरु. कर्नाटक में भाजपा विधायक चंद्रू लमानी बुरी तरह से फंस गए हैं. कर्नाटक लोकायुक्त ने भाजपा विधायक के एक हॉस्पिटल पर छापा मारा और उन्हें एक कॉन्ट्रैक्टर से 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है. पैसों को जब्त कर लिया गया है और जांच चल रही है. इस कार्रवाई के बाद कर्नाटक की सियासत में खलबली मच गई है. चंद्रू लमानी कर्नाटक के बड़े नेताओं में से एक हैं. वह काफी समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं. वे गडग जिले के शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र (ेएससी आरक्षित) से विधायक हैं.
2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में लमानी ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की और पहली बार विधायक बने. वे पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने एमडी (जनरल मेडिसिन) की डिग्री प्राप्त की है और पहले सरकारी अस्पताल में सामान्य चिकित्सक के रूप में काम किया है. लमानी को समाजसेवी के रूप में भी जाना जाता है. वे ग्रामीण बच्चों को मुफ्त एसएसएलसी कोचिंग और ट्यूशन देते हैं, जिससे वे शिक्षा को समाज की समस्याओं का बेहतरीन इलाज मानते हैं.
क्या है पूरा मामला
आरोप है कि उन्होंने एक क्लास-1 ठेकेदार विजय पुजार से माइनर इरिगेशन विभाग के कार्यों के क्लियरेंस और बिल पास करवाने के बदले कुल 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. ट्रैप ऑपरेशन में 5 लाख रुपये की पहली किश्त लेते रंगे हाथ पकड़े गए. उनके दो पर्सनल असिस्टेंट (मंजूनाथ वाल्मीकि और गुरुनाइक) भी गिरफ्तार हुए. राशि जब्त कर ली गई है और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज है. जांच जारी है. फिलहाल इस मामले में भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.










