हैदराबाद.एक घरेलू उड़ान के दौरान महिला केबिन क्रू के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक हरकत करने के आरोप में एक यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना 24 अप्रैल की बताई जा रही है, जब कोयंबटूर से उदयपुर जा रही फ्लाइट में सवार एक 30 वर्षीय कारोबारी पर आरोप लगा कि उसने अपने मोबाइल फोन के कैमरे का इस्तेमाल कर महिला क्रू मेंबर्स की आपत्तिजनक तरीके से तस्वीरें लेने की कोशिश की।
एयरलाइन स्टाफ द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी यात्री ने उड़ान के दौरान बार-बार अपने फोन के कैमरे को ज़ूम कर महिला केबिन क्रू पर फोकस किया और उनकी तस्वीरें लेने का प्रयास किया। क्रू सदस्यों को जब इस गतिविधि पर संदेह हुआ, तो उन्होंने स्थिति पर नजर रखी और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि यात्री उस समय नशे की हालत में था, जिससे उसकी हरकतें और भी संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं।
जैसे ही फ्लाइट उदयपुर पहुंची, एयरलाइन स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस यात्री को विमान से उतार दिया। इसके बाद मामले की सूचना हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आउटपोस्ट पुलिस को दी गई, जहां औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 के तहत मामला दर्ज किया है, जो किसी महिला की मर्यादा का अपमान करने के उद्देश्य से किए गए शब्द, इशारे या कृत्य से संबंधित है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने अपने मोबाइल कैमरे का ज़ूम फीचर इस्तेमाल कर महिला क्रू की तस्वीरें लेने की कोशिश की थी। हालांकि आरोपी ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उसने कोई तस्वीर नहीं ली। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के फोन में कोई आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है या नहीं।
इस घटना ने एक बार फिर विमान यात्रा के दौरान यात्रियों के व्यवहार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों में इस तरह की घटनाएं न केवल महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि यात्रियों के लिए भी असहज माहौल पैदा करती हैं। एयरलाइंस को इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई और स्पष्ट दिशा-निर्देश अपनाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
एयरलाइन सूत्रों के मुताबिक, क्रू मेंबर्स को इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन जब यात्री नशे की हालत में हो, तो स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई और पुलिस की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।









