तीन दशक का पुलिस अनुभव, UN मिशन में भी निभाई जिम्मेदारी, संजीव सिन्हा ने संभाली सागर की कमान

सागर ब्यूरो  
सागर जिले को नया पुलिस कप्तान मिल गया है। 30 साल से अधिक के पुलिस सेवा अनुभव वाले आईपीएस संजीव सिंहा ने शुक्रवार को सागर पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले वे 14वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ), ग्वालियर में सेनानी के पद पर पदस्थ थे। साथ ही पुलिस अधीक्षक ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। नए एसपी के सामने जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने की चुनौती रहेगी।
संजीव सिंहा का पुलिस सेवा का सफर 1 जुलाई 1996 को उप पुलिस अधीक्षक के रूप में शुरू हुआ था। वर्ष 2016 में वे आईपीएस बने। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने प्रदेश के कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है। खास बात यह है कि उनके पास केवल मैदानी पुलिसिंग ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था संभालने का भी अनुभव है। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत लाइबेरिया में उन्होंने डिप्टी ऑपरेशंस कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी निभाई थी।
UN मिशन में 200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पुलिस अधिकारियों की संभाली जिम्मेदारी
लाइबेरिया में पदस्थापना के दौरान सिंहा ने 29 में से 19 संयुक्त राष्ट्र पुलिस स्टेशनों और 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुलिस अधिकारियों के कामकाज का पर्यवेक्षण किया। वहां की राष्ट्रीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर आधुनिक पुलिसिंग पद्धतियों को लागू करने में भी भूमिका निभाई। उनके काम की संयुक्त राष्ट्र पुलिस प्रमुख ने सराहना की थी।
लोकायुक्त में रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई, 12 लाख का ट्रैप भी किया
मार्च 2017 से मई 2022 तक वे विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन में पुलिस अधीक्षक रहे। इस दौरान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कार्रवाई की। सतना नगर निगम आयुक्त से जुड़े 12 लाख रुपए की रिश्वत के ट्रैप प्रकरण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर सांप्रदायिक तनाव तक संभाला मोर्चा
सिंहा ने उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद, बिलासपुर, अलीराजपुर, मंडला, सिंगरौली, धार, डिंडोरी और गुना सहित कई स्थानों पर सेवाएं दी हैं। अलीराजपुर में गोधरा कांड के बाद बने सांप्रदायिक तनाव के हालात में शांति और सौहार्द बनाए रखने में भूमिका निभाई। मंडला में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार की रोकथाम के लिए WWF के साथ समन्वय किया। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे इलाकों में नक्सली गतिविधियों की निगरानी में भी योगदान दिया।
सिंगरौली में तीन दिन के कर्फ्यू के दौरान पुलिस बल का नेतृत्व किया। धार में भोजशाला क्षेत्र में रंगपंचमी के आयोजन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए विभिन्न धार्मिक समूहों के साथ संवाद और समन्वय बनाया। गुना में हनुमान टेकरी डकैती मामले में पुलिस टीम का नेतृत्व करते हुए 12 किलो चांदी बरामद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिंहस्थ ज्योति पदक से हो चुके हैं सम्मानित
वर्ष 2016 में उज्जैन सिंहस्थ के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उन्हें सिंहस्थ ज्योति पदक से सम्मानित किया था। इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की द्वितीय वाहिनी के प्रथम सेनानी के रूप में नई वाहिनी की स्थापना में भी योगदान दिया।
अब सागर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर रहेगी नजर
पदभार ग्रहण करने के बाद नए एसपी के सामने जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने, महिला एवं बाल सुरक्षा को मजबूत करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक जनोन्मुखी बनाने की जिम्मेदारी होगी। तीन दशक के मैदानी अनुभव और अंतरराष्ट्रीय पुलिसिंग के अनुभव के साथ अब उनकी कार्यशैली सागर की पुलिस व्यवस्था में किस तरह बदलाव लाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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