एसी कोच में चोरी हुई तो अटेंडेंट भी बनेगा आरोपी, जीआरपी का फैसला

भोपाल. ट्रेनों के एसी कोच में अब यदि चोरी होती है तो इसकी जिम्मेदारी केवल यात्री या पुलिस तक सीमित नहीं रहेगी. अब इसमें अटेंडेंट को भी आरोपी बनाया जाएगा. यात्रियों की सुरक्षा और एसी कोच में बढ़ती चोरी की वारदात को लेकर रेलवे ने ये बड़ा फैसला लिया है. इसके पीछे रेल पुलिस का तर्क बताया जा रहा है.

बीते दिनों मध्य प्रदेश से गुजरने वाली ट्रेनों के एसी कोच में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. ऐसे में अब ट्रेन में संबंधित कोच अटेंडेंट की भूमिका की भी जांच के दायरे में होगी. लापरवाही या संलिप्तता मिलने पर उसे सह-आरोपी बनाया जाएगा.

तीन साल का कोच वाइस क्राइम देखने के बाद एक्शन 

आपको बता दें एडीजी जीआरपी राजा बाबू सिंह ने एसी कोच में बढ़ती चोरी की वारदातों को देखते हुए मैदानी अफसरों को यह निर्देश दिए हैं. बीते 3 साल के कोच-वाइज क्राइम एनालिसिस में सामने आया कि अटेंडर की मिलीभगत या लापरवाही के बिना एसी कोच में वारदात संभव नहीं हो सकती है. ऐसे में अटेंडर की अनुमति के बिना बाहरी संदिग्धों या अनधिकृत वेंडर्स का एसी कोच में प्रवेश भी मुश्किल है.

रेलवे पुलिस का तर्क 

आपको बता दें इसके पीछे रेल पुलिस मुख्यालय का तर्क है कि पूरे कोच की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी अटेंडर की होती है. ऐसे में उसके ड्यूटी पर रहते चोरी होना अपने आप में उसकी भूमिका की जांच का आधार बनेगा.

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