पुरी (ओडिशा). विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के अनमोल रत्न भंडार (खजाने) की गिनती का काम शुरू बुधवार 25 मार्च से शुरू हो गया. 1978 के बाद, यानी 48 साल के लंबे अंतराल के बाद, श्रीमंदिर के रत्न भंडार में रखे रत्नों और जवाहरातों की गिनती फिर से हो रही है.
शुभ समय दोपहर 12:09 बजे से 1:45 बजे तक है. इसी शुभ समय में गिनती का काम होगा. इस दौरान रोजाना के काम और भक्तों के दर्शन का ध्यान रखा जाएगा ताकि उन पर कोई असर न पड़े. रत्न भंडार गडऩा टीम के सदस्यों ने श्रीमंदिर के सिंह द्वार के सामने भगवान को प्रणाम करने के बाद श्रीमंदिर में प्रवेश किया. शुभ समय 12:09 बजे पर इस ग्रुप के सदस्यों ने रत्न भंडार में प्रवेश किया. इस ग्रुप में श्रीमंदिर के श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक, पुरी जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, रत्न भंडार उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ, सुपरवाइजर टीम और हैंडलिंग टीम के सदस्य शामिल हैं.
रत्न भंडार में सिर्फ इससे जुड़े टीम के सदस्य ही जा सकेंगे. इस दौरान मोबाइल फोन और कोई भी मेटल की चीज ले जाना मना है. भक्तों को सिर्फ बहारा कथा से ही दर्शन की इजाजत है. मंदिर में अंदर जाने से पहले, मुख्य प्रशासक ने मीडिया को बताया और इसमें शामिल सभी सदस्यों को सभी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया.
साथ ही किसी तरह की धातु की वस्तु को अंदर ले जाने की मनाही है. रत्नभंडार में प्रवेश करने से पहले सभी सदस्यों की स्क्रीनिंग की जाएगी. गणना करने वाली टीम पारंपरिक पोशाक पहनकर रत्न भंडार में प्रवेश करेगी. प्रभारी अधिकारी प्रभु के आशीर्वाद के साथ खजाने में जाएंगे.










