नई दिल्ली. भारत सरकार ने शुक्रवार को एक अहम कदम उठाते हुए देश के टीवी न्यूज़ चैनलों की टीआरपी रिपोर्टिंग को चार सप्ताह के लिए फ्रीज करने का निर्देश दिया है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर कुछ भारतीय टीवी चैनलों पर अत्यधिक सनसनीखेज और अटकलों पर आधारित कवरेज दिखाने के आरोप लगे हैं. सरकार का मानना है कि इस तरह की रिपोर्टिंग आम जनता के बीच भय और भ्रम का माहौल पैदा कर सकती है.
सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि टीवी रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल यानी बार्क को तत्काल प्रभाव से टीवी समाचार चैनलों की टीआरपी जारी करने पर रोक लगानी होगी. यह रोक शुरुआती तौर पर चार हफ्तों के लिए लागू रहेगी या फिर मंत्रालय के अगले आदेश तक जारी रह सकती है. मंत्रालय ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ चैनलों द्वारा युद्ध से जुड़ी खबरों को जिस तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, वह पत्रकारिता के मानकों के अनुरूप नहीं है.
मंत्रालय के अनुसार यह देखा गया है कि इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के दौरान कई टीवी चैनल लगातार ऐसे कार्यक्रम और चर्चाएं प्रसारित कर रहे हैं जिनमें तथ्यों की पुष्टि किए बिना संभावित युद्ध, बड़े हमलों या वैश्विक संकट की आशंकाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि ऐसी रिपोर्टिंग से देश के उन लोगों में अनावश्यक डर पैदा हो सकता है जिनके परिवार या परिचित पश्चिम एशिया के देशों में रहते हैं.
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि टीआरपी की प्रतिस्पर्धा के कारण कई चैनल दर्शकों को आकर्षित करने के लिए सनसनीखेज शीर्षक, ग्राफिक्स और आक्रामक बहसों का सहारा लेते हैं. इससे कभी-कभी वास्तविक स्थिति से अलग और बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई तस्वीर सामने आती है. मंत्रालय का मानना है कि यदि कुछ समय के लिए टीआरपी जारी नहीं की जाएंगी तो चैनलों पर दर्शक संख्या बढ़ाने के दबाव में कमी आएगी और वे अधिक जिम्मेदार रिपोर्टिंग करने के लिए प्रेरित होंगे.










