रीवा में ट्रेनी सिपाहियों पर सख्ती, वायरल रील्स में कहा-शक्ल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है ना..!

रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी) में ट्रेनिंग ले रहे 6 सिपाहियों ने वर्दी पहनकर रील्स बनाई है. वायरल रील्स में कॉन्स्टेबल कह रहे हैं कि शक्ल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है ना. रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. रीवा पुलिस प्रशिक्षण शाला के पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने रील्स वायरल होने के बाद सभी कॉन्स्टेबल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में लिखा है कि आपके बोले गए डायलॉग से पुलिस विभाग की गरिमा धूमिल हुई है. आपके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए.

मटियामेट ग्रुप में पोस्ट की गई थी रील्स

बताया जाता है कि 25 फरवरी 2026 को दोपहर 3:04 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर बने मटियामेट ग्रुप में वर्दी पहने नव आरक्षकों ने रील पोस्ट की थी. रात 8:04 बजे तक इस रील को 5,010 से अधिक बार देखा जा चुका था. रील्स वायरल होने के बाद लोगों ने अलग-अलग कमेंट्स किए. इममें ज्यादातर कमेंट्स पुलिस विभाग के खिलाफ थे. ये रील्स पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची. इसके बाद पुलिस विभाग ने आरक्षकों को नोटिस जारी किया.

रील बनाने वाले आरक्षकों के नाम

अनिल कड़ोदिया- जिला देवास
आनंद कुलवरे- जिला इंदौर
प्रदीप यादव- जिला उज्जैन
राज कुमार सैन्धव – जिला उज्जैन
गोनू सतबाढिय़ा – जिला उज्जैन
सुरजीत गर्ग – जिला विदिशा
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने आरक्षकों को नोटिस जारी किया.
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने आरक्षकों को नोटिस जारी किया.

विभाग का कड़ा रुख, कार्रवाई की चेतावनी

बता दें कि भोपाल पुलिस हेडक्वार्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि ऑफिशियल ड्यूटी के अलावा, पब्लिक इस्तेमाल के लिए यूनिफॉर्म में कोई भी वीडियो या रील नहीं बनाई जानी चाहिए. ट्रेनिंग के दौरान इंटरनल और एक्सटर्नल इंस्ट्रक्टर ने बार-बार ऐसा न करने की सलाह दी थी. अधिकारियों ने माना है कि रील में इस्तेमाल किए गए शब्द और एक्टिंग एक डिसिप्लिन्ड पुलिस फोर्स की इमेज के खिलाफ हैं. सभी नए कांस्टेबलों से तुरंत जवाब मांगा गया है. संतोषजनक जवाब न मिलने पर डिसिप्लिनरी एक्शन की चेतावनी दी गई है.

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